नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के कमांडर जाइबा कलोई ने आज बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। कलोई एनएलएफटी का स्वयंभू कमांडर था।
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बीएसएफ के मुताबिक त्रिपुरा पिछले कुछ दशकों से उग्रवाद का सामना कर रहा है। शुरुआत में विद्रोह त्रिपुरा नेशनल वालंटियर्स (टीएनवी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) द्वारा चलाया जा रहा था। 1988 में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इन्होंने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
इसके बाद एनएलएफटी के काडर ने साल 1989 से विद्रोह को फिर से शुरू किया। हाल के दिनों में राज्य के सुरक्षा उपायों और केंद्र सरकार की एजेंसियों की सतर्कता के बाद विद्रोही समूहों, विशेष रूप से एनएलएफटी (बीएम) के सदस्यों का विद्रोह से मोहभंग हो गया और इन्होंने मुख्यधारा में शामिल होने के संकेत देना शुरू कर दिया।