रविवार को मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा था कि दक्षिण एशिया में बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा है। अब कश्मीर में निर्दोषों की हत्या पर उनका ये बयान आया है।
कांग्रेस सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कश्मीर में आम नागरिकों की हत्या को अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने से जोड़ा है। तिवारी ने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को दो महीने हो चुके हैं। न केवल दक्षिण एशिया में बल्कि सबसे बड़े मध्य पूर्वी क्षेत्र में हर कट्टरपंथी और चरमपंथी संगठनों को इस घटना ने उत्साहित किया है।
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उन्होंने कहा, हम आज कश्मीर में हत्याओं का जो दौर देख रहे हैं, उसका अनुमान अफगानिस्तान में तालिबान के उदय के बाद ही लगा लेना चाहिए था।
दक्षिण एशिया में बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों और जम्मू कश्मीर में बेगुनाहों की हत्या और जवानों की शहादत को लेकर कांग्रेस कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने पहले भी सवाल उठाए थे। रविवार को मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा था कि दक्षिण एशिया में बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा है।
मनीष तिवारी ने ट्वीट किया था- क्या कश्मीर में हो रही गैर-मुसलमानों की हत्या, बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं की हत्या और पुंछ में 9 जवानों की शहादत के बीच कोई लिंक है? शायद ऐसा है। दक्षिण एशिया में एक बड़ा इस्लामिक एजेंडा काम कर रहा है।