महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि आगामी महाराष्ट्र चुनावों के लिए हमारी ओर झुकाव रखने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) के नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि चुनाव आयोग (ईसीआई) के कामकाज में कोई पारदर्शिता नहीं है और इसके अधिकारी सत्तारूढ़ दलों के दबाव में काम कर रहे हैं।
चुनाव आयोग के सामने मुद्दा उठाएगा MVA
उन्होंने कहा कि एमवीए इस मुद्दे को ईसीआई के समक्ष उठाएगा। बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
डीजीपी रश्मि शुक्ला को हटाने की मांग
महा विकास अघाड़ी के नेताओं में खासकर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला को हटाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसीआई का फॉर्म नंबर 7, जिसका उद्देश्य कई कारणों से मतदाता सूची से नाम हटाना है, का इस्तेमाल विपक्षी दलों की ओर झुकाव रखने वाले मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है और इस कवायद के पीछे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं।
चुनाव आयोग को फॉर्म नंबर 7 न करें स्वीकार- नाना पटोले
नाना पटोले ने कहा, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) की ओर झुकाव रखने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भाजपा चुनाव हार रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चुनाव आयोग को फॉर्म नंबर 7 स्वीकार नहीं करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा,हमने देखा है कि जिन सीटों पर एमवीए को लोकसभा चुनावों में बढ़त मिली थी, वहां 2,500 से 10,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
'चुनाव आयोग मतदाता सूची पर श्वेत पत्र करे प्रकाशित'
इधर शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने दावा किया कि नासिक सेंट्रल विधानसभा सीट में 6,000 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं और कलेक्टर के समक्ष मुद्दा उठाने के बावजूद इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दलों के प्रतिनिधित्व वाली औरंगाबाद सेंट्रल और सिल्लोड सीटों पर करीब 27,000 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए। एनसीपी (सपा) नेता जितेंद्र आव्हाड ने मांग की कि चुनाव आयोग मतदाता सूची पर श्वेत पत्र प्रकाशित करे।
'जिस तरह से चुनाव कराया जा रहा वो शर्मनाक'
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का प्रिंट इतना खराब है कि इसे पढ़ा नहीं जा सकता और दावा किया कि नाम, पते और फोटो भी गलत हैं। आव्हाड ने कहा, जिस तरह से चुनाव कराया जा रहा है, वह संदिग्ध है। यह शर्मनाक है। वहीं नाना पटोले ने आगे मांग की कि आयोग सरकार के कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए नियुक्त 50,000 योजना दूतों की नियुक्ति को रद्द करे, जिन्हें 50,000 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना दूत निजी व्यक्ति हैं और वे आरएसएस और भाजपा से जुड़े हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल देसाई ने कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के अधिकारियों को चुनाव अधिकारियों के साथ 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के घर जाना चाहिए ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि औसतन, उपनगरीय मुंबई में ऐसे 4,500 मतदाता हैं और शहर में 6,400 हैं।
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