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काबिले तारीफ कदम: असम के साथ सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान चाहता है नगालैंड

Wed, 15 Sep 2021 01:43 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, कोहिमा

सार

नगालैंड सरकार के सीमा मामलात के सलाहकार म्हाथुंग यंथन ने कहा कि कहा कि भले ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन हम अदालत से बाहर आपस में बातचीत के जरिये सौहार्दपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल चाहते हैं।
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असम-नगालैंड सीमा विवाद (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम के साथ लंबे समय से चले आ रहे अंतर-राज्यीय सीमा विवाद का नगालैंड सौहार्दपूर्ण समाधान चाहता है। मंगलवार को नगालैंड के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने अधिकारियों को असम के साथ चर्चा करने की तैयारी करने का आदेश दिया गया है।

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यह फैसला नगालैंड विधानसभा की चयन समिति की बैठक में किया गया, यह समिति अगस्त में सीमा विवाद मामले के परीक्षण के लिए बनाई गई थी। नगालैंड सरकार के सीमा मामलात के सलाहकार म्हाथुंग यंथन ने कहा कि कहा कि भले ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन हम अदालत से बाहर आपस में बातचीत के जरिये सौहार्दपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल चाहते हैं। हमने समस्या की उत्पति सहित मामले के हर पक्ष पर विस्तार से बात की है। इस दौरान सदस्यों की तरफ से कई सुझाव भी मिले, जिसमें असम सरकार के साथ बातचीत करने के लिए लगातार बैठक करने पर सहमति बनी है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए सीमा मामलों के विभाग को अदालत के बाहर असम सरकार के साथ उचित चर्चा करके सीमा मुद्दे को सुलझाने का काम सौंपा गया है। समिति के सह-समन्वयक व नगा पीपल्स फ्रंट (एनआरएफ) के नेता टीआर जेलियांग ने कहा कि बैठक में दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान के संबंध में हुई बातचीत की विफलताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
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अबतक असम सरकार अदालत पर निर्भर थी, जो दोनों राज्यों के बीच सीमा रेखा का सीमांकन नहीं कर सकती। जेलियांग ने कहा कि नगालैंड सरकार 2014-15 से ही गृह मंत्रालय की मध्यस्थता से सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री नगाओं के साथ मित्रवत नहीं थे, लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री दोनों राज्यों की मित्रता में भरोसा रखते हैं, ऐसे में अब इस विवाद को अदालत से बाहर आपस में बातचीत से सुलझाया जा सकता है।

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