बुधवार का दिन देश के लिए ऐतिहासिक रहा। बरेली में जमा हुए मुस्लिम समाज ने हिंसा को लेकर हिंदुस्तान और विश्व समुदाय के सामने अपनी बात रखी साथ ही पूछा कि शुक्रवार का दिन खास इबादत का होता है, ऐसे में जुमे की नमाज के बहाने पथराव करने वाले बताएं कि क्या शुक्रवार का नाम पत्थरवार कर दिया जाए?
साथ ही मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने वैसी मस्जिदों पर भी सवाल खड़े किए जहां खुदाई करने पर खंडित मूर्तियां, शिवलिंग और सनातन धर्म के प्रमाण मिलते हैं। ऐसी मस्जिदों को बुद्धिजीवियों ने अल्लाह और रसूल की तौहीन बताया।
मुस्लिम समाज ने असमाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग की
इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय ने सभ्य समाज से सवाल किया कि जुमे की नमाज पर पथराव और हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को क्या कहेंगे? क्या यह देश और अमन के दुश्मन नहीं हैं? कानपुर की पुलिस पड़ताल में यह बात साबित भी हो चुकी है कि बच्चों को कई दिनों से बिरयानी खिलाई जा रही थी और उन्हें पथराव करने के लिए पैसे भी दिए गए थे।
आगे कहा कि कानपुर पुलिस की यह पड़ताल अपने आप में रोंगटे खड़े करने वाली है कि क्या कश्मीर में जिस तरह आतंकवादी कश्मीरी अवाम और बच्चों को 500-500 रुपए देकर पथराव करवा रहे थे वो अब क्या देश के बाकी हिस्सों में भी बच्चों की आड़ में हिंसा और आतंक का जाल फैलाने की साजिश रच रहे हैं? मुस्लिम समाज ने ऐसे असामाजिक तत्वों पर त्वरित और कठोर करवाई की मांग की।
दूसरे धर्म का अनादर करना अल्लाह और रसूल दोनों का ही अपमान
साथ ही साथ मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने सवाल किया कि ऐसी मस्जिदों और इबादतगाहों में इबादत करना जायज है क्या जो नापाक हैं? बुद्धिजीवियों ने कहा कि यह ज्वलंत प्रश्न हैं जिनसे भागा नहीं जा सकता है।
मुस्लिम समाज ने कहा कि किसी दूसरे धर्म का अनादर और अवहेलना करना अल्लाह और रसूल दोनों का ही अपमान है। मुस्लिम समाज ने तथाकथित मुस्लिम परस्त पार्टियों, उनके नेताओं और इस्लाम और दीन के ठेकेदारों को दो टूक संदेश दिया कि समाज को भड़काना और देश का माहौल खराब करना बंद करें।
संघ नेता इंद्रेश कुमार बोले- क्या किसी मुस्लिम शासक ने अस्पताल बनवाया
इस मौके पर संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने उपस्थित मुस्लिम समाज से पूछा कि क्या आप बता सकते हैं कि किसी मुस्लिम शासक या किसी मुसलमान नेता या किसी धर्म के ठेकेदार ने आपके लिए कभी कोई बड़ी यूनिवर्सिटी खोली हो जिससे आपकी शिक्षा का मयार बढ़ सके या आपको सही तालीम मिल सके या कोई बड़ा कोई अस्पताल खोला हो जिसमें बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज होता हो?
संघ नेता ने पूछा कि क्या उन्होंने कभी कोई बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया हो या फैक्टरी लगाई हो जहां आपको रोजगार मिला हो? या फिर आपके झगड़े झंझट निपट सकें ऐसी क्या कोई कोर्ट या कचहरी खड़ी की हो जहां आपको इंसाफ मिले?
हुक्मरानों ने सिर्फ गुलाम बनाए रखा
इंद्रेश कुमार के सवाल के जवाब में मुस्लिम समाज ने खुल कर अपनी राय रखी। मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों की दुहाई देने वाले हुक्मरानों ने केवल मुसलमानों का शोषण किया है। उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि देश की किसी भी मुस्लिम परस्त पार्टी और हुक्मरानों ने कभी सही मायनो में उनके लिए सोचा ही नहीं, उन्हें सिर्फ गुलाम बनाए रखा।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि मुस्लिम हुक्मरानों ने हमें सिर्फ मकबरा दिया जिसे हमने ले लिया। मुस्लिम समाज ने कहा कि अब देश बदल रहा है, अब देश हिंद से हिंदुस्तानी है। आज मुसलमान आग भड़काने वालों से सवाल पूछ रहा है।
कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार और साध्वी कल्पना भी मौजूद थीं
बरेली के समाजसेवा मंच और भारतीय सद्भावना मंच ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम मनाया यहां बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज ने शिरकत की थी। कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक व मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार और साध्वी कल्पना भी मौजूद थीं। इस मौके पर शहर के अतिविशिष्ठ मुस्लिम समाज भी भारी संख्या में मौजूद था। महिलाओं ने भी जोर शोर के साथ शिरकत की।