कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के विकल्प पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सिद्धारमैया के विकल्प पर कांग्रेस के भीतर चर्चा चल रही है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के बीच एक म्यूजिकल चेयर जारी है। कांग्रेस में कर्नाटक के नेतृत्व में परवरितन की अटकलों पर चर्चा के दौरान भाजपा नेता ने प्रतिक्रिया दी। सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।
भाजपा नेता आर अशोक ने कहा, "हमने कभी ऐसा नहीं कहा कि हम इस सरकार को हटा देंगे। हमने अभी तक किसी भी विधायक से मुलाकात नहीं की। कांग्रेस के किन विधायकों से हमने मुलाकात की? ये सब उनकी पार्टी में ही हो रहा है। मैं इसे रोज अखबार और टेलीविजन में देखता हूं। वहां म्यूजिकल चेयर जारी है।"
पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा, "डीके शिवकुमार, जी परमेश्वर, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली, जमीर अहमद खान, केजे जॉर्ज और मल्लिकार्जुन खरगे का भी नाम अचानक सामने आ गया है। ये सभी म्यूजिकल चेयर पर घूम रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "उनकी पार्टी में असमंजस की स्थिति है। कांग्रेस विधायकों के बीच चर्चा का सबसे अहम विषय यह है कि सिद्धारमैया को रिप्लेस कौन करेगा। भाजपा में ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही। कोई भी सीएम बनें, हमें इससे क्या लेना-देना।"
भाजपा नेता का कांग्रेस पर पलटवार
कांग्रेस ने कर्नाटक के राज्यपाल
थावरचंद गहलोत पर कई विधेयकों को वापस भेजने को लेकर निशाना साधा। इस पर पलटवार करते हुए आर. अशोक ने कहा कि जब भाजपा की सरकार थी, तब तत्कालीन राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने भी कई विधेयकों को वापस भेज दिया था। उन्होंने कहा, "हमने क्या तब कोई आरोप लगाए? यह एक सामान्य प्रयास है। जाओ और पूछो कि विधेयकों को वापस क्यों भेज दिया गया। संबंधित विभाग के मंत्री, सचिव और मुख्य सचिव हर विधेयक के बारे में स्पष्टीकरण दें और जनता को उसका लाभ बताएं। यह सरकार का कर्तव्य है। गलती आपकी है और आप राज्यपाल पर आरोप लगा रहे हैं। क्या यह सही है?"
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्यपाल ने भाजपा के दबाव में आकर 15 विधेयकों को वापस भेज दिया था। उन्होंने राज्यपाल पर भाजपा के अनुकूल फैसले लेने का भी आरोप लगाया। भाजपा नेता ने राज्यपाल के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपमानजनक तरीके से बोलने के लिए कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह सोचे बिना कि राज्यपाल दलित समुदाय से हैं, उनकी तस्वीरें जला दी गईं। कैबिनेट के मंत्रियों, मुख्यमंत्री ने भी उनके बारे में आपत्तिजनक बात की।