देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस के मामले मिलना शुरू हुए। यह संक्रमण कैसे फैलना शुरू हुआ, इस बारे में अभी तक साफ तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि, कहा जा रहा है कि स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से मरीज म्यूकरमाइकोसिस के शिकार हुए।
यह है ज्यादा मौतों की वजह
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि शुरुआती दिनों यानी मई से जून के बीच ब्लैक फंगस से हुई मौतों की वजह एंटी-फंगल दवा, लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी दवा की भारी कमी को बताया जा रहा है। दवा की अत्यधिक कमी के कारण ब्लैक फंगस संक्रमित के रोगियों को दवा की एक खुराक 2-3 दिनों में एक बार दी जाती थी, जबकि दिन में 5-7 खुराक की आवश्यकता होती थी। एक डॉक्टर ने बताया कि एंटी फंगल दवा का स्टॉक नहीं था। जून मध्य के बाद प्रॉपर दवाओं का स्टॉक मिला है।