पीड़ित लड़की की तरफ से पुलिस में शिकायत उसकी मां व उसके चाचा ने दर्ज कराई है। मां को यह बात पीड़ित लड़की के भाई के जरिए पता चली। पीड़ित लड़की ने अपने साथ हो रहे दुष्कर्म की दास्तान अपने भाई को सुनाई, जिसके बाद यह बात उनकी मां तक पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी मिली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाई का कहना है कि उसकी बहन का एक वीडियो दिखाकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। पुलिस को दिए बयान में लड़की ने दूसरी लड़कियों के साथ भी यौन शोषण होने की बात बताई है। मामले में आठ गिरफ्तारियों में एंथूर, निखिल थालीयल के डीवाईएफआई नेताओं के नाम शामिल हैं।
इनके अलावा मट्टोल केवी संदीप, अरिंबरा के. पावित्रन, परप्पायी वीसी शबीर, कुरुमथूर चोरोकला सीपी शमसुद्दीन आदि शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के आधार पर यौन अपराध व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अपराधियों को साइबर सेल की मदद से पकड़ा गया है। साइबर सेल के जरिए उन लोगों की पहचान करने में मदद मिली जिन्होंने नकली आईडी का उपयोग कर लॉज में कमरा किराए पर लिया था।