केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नवंबर महीने में गोवा में विश्व श्रव्य दृश्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) से पहले क्रिएट इन इंडिया चैलेंज के तहत एनिमेशन, फिल्म निर्माण, गेमिंग, संगीत और दृश्य कला जैसे कई विषयों से संबंधित 25 चुनौतियां शुरू कीं। प्रमुख उद्योग संघों और संगठनों की तरफ से आयोजित ये चुनौतियां मुख्य कार्यक्रम से पहले आयोजित की जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया आगाह
इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने कहा, हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हम ऐसा कुछ न करें जिससे समाज को नुकसान पहुंचे। हमें खुद को ऐसी सामग्री से बचाना होगा जो लत लगाने वाली हों। इस संबंध में सरकार, उद्योग, समाज - सभी की समान जिम्मेदारी है।
क्रिएटर्स की अर्थव्यवस्था में अपार संभावनाएं- वैष्णव
उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की अर्थव्यवस्था में अपार संभावनाएं हैं और यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जीवन शैली, योग, पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और व्यंजनों की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक अद्भुत उपकरण के रूप में उभरी है।
'सरकार ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर रही'
उन्होंने कहा, भारत सरकार इस अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और इसलिए हमें इस क्षेत्र में प्रतिभा और कौशल विकास और आवश्यक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
फिल्म निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग: रोजगार सृजन
अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म निर्माण हमारी ताकत में से एक है और आज के युग में इस क्षेत्र में नई तकनीक और उपकरणों के उपयोग की बहुत गुंजाइश है, जिससे रोजगार सृजन की अच्छी संभावनाएं हैं। अनुमान है कि अगर सफलतापूर्वक लागू किया गया तो इस क्षेत्र में 2-3 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं।
बता दें कि इस दौरान कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू, अतिरिक्त सचिव नीरजा शेखर, फिक्की महानिदेशक ज्योति विज, सीआईआई राष्ट्रीय मीडिया एवं मनोरंजन समिति के उपाध्यक्ष बीरेन घोष भी शामिल हुए। इस अवसर पर बोलते हुए संजय जाजू ने कहा कि यह पहल भारत के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को पोषित करने और उसे उन्नत करने के हमारे चल रहे मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।