डोमिनिका में कथित तौर पर अवैध तरीके से एंट्री करने के आरोप में मेहुल चोकसी के खिलाफ आज यानी सोमवार (14 जून) को रोसेउ की मजिस्ट्रेट अदालत में मुकदमा चल रहा है। बता दें कि भगोड़े भारतीय हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका की हाई कोर्ट ने पहले ही जमानत देने से इंकार कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और भारतीय विदेश मंत्रालय ने डोमिनिका उच्च न्यायालय में मेहुल चोकसी के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी के आरोपों का विवरण दिया है और इस बात का सबूत दिया है कि वह एक भारतीय नागरिक है। जबकि चोकसी के वकीलों का कहना है कि उसने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है इसलिए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जा सकता।
डोमिनिका उच्च न्यायालय ने खारिज की जमानत याचिका
डोमिनिका की उच्च अदालत ने चोकसी को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि उस पर अवैध तरीके से डोमिनिका में प्रवेश का आरोप है और उसका इस देश से कोई संबंध नहीं है। अदालत ने कहा है कि किसी शर्त पर यह सुनिश्चित नहीं हो सकता कि जमानत मिलने के बाद वह फरार नहीं होगा। भारत सरकार ने अपने हलफनामे में कोर्ट को बताया है कि चोकसी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया है, जो एक भगोड़े के संबंध में जारी किया जाने वाला सबसे उच्चतम स्तर का नोटिस है।
वकीलों की दलील
चोकसी के वकीलों का कहना है कि उसने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है इसलिए उसे भारत निर्वासित नहीं किया जा सकता है। चोकसी के वकीलों ने दलील दी है कि 23 मई को उसका अपहरण हुआ और फिर प्रताड़ित करके उसे डोमिनिका लाया गया था। हालांकि, डोमिनिका राज्य के अभियोजकों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मेहुल चोकसी को अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
वापस एंटीगुआ भेजे जाने की मांग कर रहा मेहुल चोकसी
मेहुल चोकसी एंटीगुआ में वापस जाने की मांग कर रहा है, जहां उसे नागरिकता प्राप्त है। हालांकि, एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने उसे देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है और डोमिनिकन सरकार से उसे सीधे भारत भेजने को कहा है। ब्राउन ने पिछले सप्ताह कहा था कि एंटीगुआ ने चोकसी के अपहरण के आरोपों से इनकार किया है, लेकिन उसके वकीलों की शिकायत पर पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
मेहुल चोकसी से जुड़ा पूरा मामला
मेहुल चोकसी रिटेल ज्वैलरी कंपनी गीतांजलि ग्रुप का मालिक और नीरव मोदी का चाचा भी है। इन दोनों पर पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है। चोकसी और नीरव मोदी जनवरी 2018 में भारत से भाग गए। फरवरी में, सीबीआई ने कथित घोटाले की जांच शुरू की। बाद में पीएनबी के दो कर्मचारियों और नीरव मोदी समूह के एक कर्मचारी की गिरफ्तारी भी हुई। इस गिरफ्तारी के बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 56.74 बिलियन मूल्य के हीरे, सोना और आभूषण भी जब्त किए।
भारत से भागने के बाद अब तक क्या हुआ?
भारत से भागने के बाद मुंबई की एक अदालत ने जून 2018 में चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और जुलाई 2019 में इंटरपोल ने भी चोकसी के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। चोकसी ने 2018 में एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली और तब से वह एंटीगुआ और बारबुडा में रहता था। चोकसी 23 मई, 2021 एंटीगुआ से लापता हो गया और अगले दिन वह डोमिनिका में अवैध रूप से एंट्री करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। चोकसी के वकील विजय अग्रवाल, वेन मार्श और उनकी पत्नी प्रीति चोकसी ने आरोप लगाया है कि उसका अपहरण कर डोमिनिका ले जाया गया था।