फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: दिल्ली नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति पर जल्द हो सकता है फैसला, शीर्ष अदालत ने दिए संकेत

Mon, 29 Jul 2024 08:26 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court:  शीर्ष अदालत में दिल्ली सरकार ने याचिका दाखिल कर उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती दी थी। इसे लेकर सोमवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका पर जल्द ही सुनवाई हो सकती है और फैसला लिया जा सकता है।

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही दिल्ली नगर निगम में एल्डरमैन को नियुक्त करने की याचिका पर फैसला सुनाया जा सकता है। सर्वोच्च अदालत ने इस बात के संकेत भी दे दिए हैं। दरअसल, शीर्ष अदालत में दिल्ली सरकार ने याचिका दाखिल कर उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती दी थी। इसे लेकर सोमवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका पर जल्द ही सुनवाई हो सकती है और फैसला लिया जा सकता है। 

विज्ञापन


बीते वर्ष दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था
बीते वर्ष 17 मई को अदालत ने दिल्ली सरकार की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख दिया था। दिल्ली सरकार ने उस दौरान उपराज्यपाल ने मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के बिना सदस्यों को नामित करने का फैसला लिया था।  शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पादरीवाला और न्यामूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एमसीडी की महापौर शेली ओबेरॉय की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान एक खास बात बताई। अदालत ने कहा कि दिल्ली नगर निगम में पौर प्रमुख को नियुक्त करने की याचिका पर सुनवाई हो सकती है। 

शेली ओबेरॉय ने याचिका में क्या मांग की?
शेली ओबेरॉय ने अपनी याचिका में मांग की है कि नगर निगम को अपनी स्थायी समिति के कार्यों का प्रयोग करने की अनुमति दी जाए। महापौर की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील अभिषेक सिंघवी से अदालत ने कहा कि शुक्रवार तक का इंतजार कीजिए। अदालत ने आगे कहा कि शुक्रवार तक इस मामले में फैसला सुनाया जा सकता है।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला?
17 मई, 2023 को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक अलग याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका में एल्डरमेन को नामित करने की उपराज्यपाल की शक्ति को चुनौती दी गई थी। बता दें दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 250 निर्वाचित और 10 नामांकित सदस्य हैं। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल ने उसकी सहायता और सलाह के बिना 10 सदस्यों को नामित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें