सूरज से निकली एक गर्म और तेज तूफान की लहर मंगलवार और बुधवार के बीच धरती से टकरा सकता है। इसके चलते जीपीएस सिस्टम, मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट टीवी प्रभावित हो सकते हैं। इनकी सेवाएं बाधित हो सकती हैं। सौर तूफान के चलते धरती के ऊत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर नॉर्दन और सदर्न लाइट्स की मात्रा और फ्रीक्वेंसी बढ़ सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जुलाई को सूरज के दक्षिणी हिस्से में एक बड़ा विस्फोट देखा गया। इसकी वजह से सोलर फ्लेयर्स यानी सौर किरणें तेजी से धरती की ओर बढ़ रही हैं। ये मंगलवार और बुधवार के बीच यानी 13 जुलाई को किसी भी समय धरती पर कुछ मिनटों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं।