दो बार राज्यसभा सांसद रहे मनसुख मंडाविया ने पहली बार 2024 में लोकसभा चुनाव जीता। इसके साथ ही रविवार को मोदी 3.0 में मंत्रिपरिषद की शपथ ली। अब तक राज्यसभा सांसद होने पर वह संसद भवन तक साइकिल से जाते थे।
कांग्रेस के ललित वसोया को चुनाव में हराया
मनसुख मंडाविया ने इस बार पोरबंद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और उन्हें 6 लाख 33 हजार 118 वोट मिले थे। उन्होंने अपने कांग्रेस के प्रतिद्वंदी ललित वसोया को 3 लाख 83 हजार से ज्यादा वोटों से हराया दिया।
साइकिल से संसद जाने के कारण ‘ग्रीन MP’ के रूप में है पहचान
पेशे से पशु चिकित्सक मनसुख मंडाविया का जन्म गुजरात में पलिताना के हनोल गांव में हुआ था। मंडाविया एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार से आते हैं। साइकिल से संसद जाने के कारण उन्हें ‘ग्रीन एमपी’ के रूप में भी जाना जाता है।
ABVP से की थी राजनीतिक करियर की शुरुआत
मनसुख मंडाविया ने भावनगर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है। उन्होंने अमहदाबाद के गुजरात के विकास एवं अनुसंधान संस्थान से पीएचडी भी की है। मंडाविया ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने। फिर साल 2002 में वह गुजरात विधानसभा के सबसे युवा सदस्य बने।
इन कामों के कारण बनाई पहचान
मंडाविया 38 साल की उम्र में राज्यसभा सांसद चुने गए थे। उन्होंने साल 2014 में गुजरात के हाई-टेक और मेगा सदस्यता अभियान का नेतृत्व किया। उनके इस प्रयास से गुजरात में भाजपा के एक करोड़ नए सदस्य बन गए।