नोटबंदी पर रुख नरम करने के एक दिन बाद शिवसेना ने फिर विपक्ष के सुर में सुर मिलाया है। शिवसेना ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का समर्थन किया है और उनके संगठित आर्थिक लूटबंदी वाले बयान को आधार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को कहा कि मनमोहन सिंह विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं इसलिए उनके बयान पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उद्धव ने चेतावनी भी दी कि माहौल नहीं बदला तो कड़ा कदम उठाएंगे।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता ने बड़े मन से चुनाव जिताया था, लेकिन अब वे खून के आंसू रो रहे हैं। ऐसे में भावुकता का क्या मतलब है। उद्धव ने प्रधानमंत्री मोदी पर अकेले फैसले लेना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सवा सौ करोड़ जनता का निर्णय एक व्यक्ति लेता है। इससे अब ऐसा नहीं लगता कि यह सरकार आम जनता की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में जरूरत पड़ने पर शिवसेना सरकार के खिलाफ रुख कड़ा करने में देर नहीं लगाएंगी। उद्धव ने कहा कि जिस तरह से फिरौती की रकम वसूली जाती है उसी तरह आम जनता से पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। इसलिए सवाल उठता है कि क्या काले पैसे की वसूली में प्रधानमंत्री के मन में कोई खोट है।
बृहस्पतिवार को राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के तीन पार्षद शिवसेना में शामिल हुए। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा पर निशाना साधा। विपक्ष की ओर से नोटबंदी पर मतदान की मांग के मुद्दे पर उद्धव ने कहा कि इससे कुछ नहीं होगा। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की ओर से ब्रेक्जिट के समय मतदान कराया गया इसके बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरून को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि क्या नोटबंदी पर मतदान के बाद यहां ऐसा हो सकता है?