दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
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दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का काम नहीं करते हैं, बल्कि वे एक राष्ट्र का निर्माण करते हैं। अगर किसी राष्ट्र को भविष्य में मजबूत बनना है तो उसे अपने शिक्षकों की बेहतरी के लिए निवेश करना चाहिए। सिसोदिया ने यह बात राजधानी के शिक्षकों को सम्मानित करने के दौरान कही। आज 98 शिक्षकों-प्रिंसिपल को बेहतर शिक्षण कार्य के लिए और 11 शिक्षकों-अधिकारियों को कोरोना काल में बेहतर काम करने के लिए पुरस्कृत किया गया।
शिक्षकों को सम्मानित करने के बाद अपने संबोधन में मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में जो बदलाव दिख रहा है, यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है। यह एक टीमवर्क है जो शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की यह प्रगति जारी रहेगी। आज दिल्ली के बच्चे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाकर शिक्षा हासिल कर रहे हैं और दिल्ली के लिए यह गौरव की बात है।
सिसोदिया ने बच्चों की शिक्षा के मूल्यांकन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब तक के प्रयासों से यह साफ हो चुका है कि दिल्ली के बच्चों की शिक्षा उस स्तर की हो रही है जिसकी कल्पना की जा रही थी। लेकिन अब हमें उसके सही मूल्यांकन के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल तीन घंटे की परीक्षा लेकर छात्रों का मूल्यांकन करने की विधि उचित नहीं है। इससे बच्चों की संपूर्ण क्षमता का आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए हमें उनकी कक्षाओं के दौरान सतत मूल्यांकन की प्रक्रिया विकसित करनी चाहिए। इससे कोई कमी होने पर शिक्षण के दौरान ही सुधार भी किया जा सकेगा।