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Manipur: क्या मणिपुर में फिर होने वाली है हिंसा? सरकार ने उग्रवादियों की घुसपैठ को लेकर अब दी बड़ी जानकारी

Thu, 26 Sep 2024 10:59 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 28 सितंबर को मैतेई समुदाय पर हमले करने के लिए 900 कुकी उग्रवादियों ने म्यांमार से राज्य में घुसपैठ की है। इसी को लेकर राज्य के लोगों में दहशत फैल गई थी। हालांकि, अब सरकार ने बड़ी जानकारी साझा की है। 
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मणिपुर में शांति की मांग करते लोग (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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मणिपुर में पिछले साल भड़की हिंसा के बाद तनाव लगातार बरकरार है। हाल ही में सरकार की एक खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि 28 सितंबर को मैतेई समुदाय पर हमले करने के लिए 900 कुकी उग्रवादियों ने म्यांमार से राज्य में घुसपैठ की है। इसी को लेकर कई कुकी समूहों ने जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बंद का आह्वान किया है। हालांकि, अब राज्य सरकार ने साफ कह दिया है कि सशस्त्र समूहों द्वारा किसी भी प्रकार की योजनाबद्ध हमले की संभावना बहुत कम है।

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सुरक्षा सलाहकार ने अब यह दी जानकारी
सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और डीजीपी राजीव सिंह ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें कहा, 'ऐसी जानकारी मिली थी कि 900 कुकी उग्रवादी म्यांमार से मणिपुर में घुसपैठ कर चुके हैं और वे 28 सितंबर को मैतेई समुदाय पर हमला करेंगे। हालांकि, इस बारे में विभिन्न समुदायों की हालिया प्रतिक्रियाओं के मद्देनजर यह स्पष्ट किया जाता है कि यह जानकारी कुछ हलकों से सत्यापित की गई थी, लेकिन इसे जमीनी हकीकत पर प्रमाणित नहीं किया जा सका। वर्तमान में इस तरह की किसी भी जानकारी पर विश्वास करने का कोई आधार नहीं है।'

हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल 
इससे पहले 20 सितंबर को सिंह ने कहा था कि उग्रवादियों द्वारा आसपास के गांवों में हिंसा करने की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने कई कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। सभी समुदायों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया जाता है। जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह या फेक समाचारों पर विश्वास न करें।
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चिंता की अब कोई बात नहीं: ज्योफ्रे
इस बीच, मुख्यमंत्री के सचिव एन. ज्योफ्रे ने कहा कि सशस्त्र समूहों की गतिविधि को देखते हुए कार्यालय ने खुफिया जानकारी साझा की थी। इसका मकसद यह था कि पुलिस विभाग अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर आगे की सूचना जुटा सके और कार्रवाई के लिए सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि अब यह पता चला है कि सशस्त्र समूहों द्वारा किसी भी तरह के हमले किए जाने की संभावना काफी कम है। जनता को इस संबंध में चिंता करने की जरूरत नहीं है। 

कांग्रेस विधायक ने जताई थी चिंता
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस के विधायक टीएस लोकेश्वर ने कुलदीप सिंह के दावे पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि राज्य में 900 कुकी उग्रवादी घुस आने की खबर से इंफाल घाटी के बाहरी गांवों में दहशत फैल गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुलदीप को अपने दावे के आधार स्पष्ट करने चाहिए और उग्रवादियों का मुकाबला करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं। ग्रामीणों को डर के साये में जीने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
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सिंह ने कहा कि पहाड़ी जिलों चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, उखरूल, कामजोंग और फेरजॉल को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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