मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में मंगलवार शाम एक बार फिर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई है। गोलीबारी कथित तौर पर सशस्त्र समूह और एक अतिरिक्त एसपी के सुरक्षा गार्ड में हो रही है। हालांकि, हमले के अपराधियों और इसके पीछे के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षाबलों के जवान स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। खबर लिखे जाने तक गोलीबारी जारी थी। किसी के भी हताहत होने की खबर अभी तक नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, यह गोलीबारी मणिपुर के इम्फाल पूर्व के वांगखेई इलाके में हो रही है। उस क्षेत्र में अतिरिक्त एसपी का आवास भी है। बताया जा रहा है कि आवास के पास गोलीबारी की सूचना है। अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। अधिक जानकारी का पता लगाने और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
इस बीच मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में ऑपरेशन के दौरान हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य सैन्य उपकरणों की बरामदगी के बाद सुरक्षा बल आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी), सेना की सिख रेजिमेंट और मणिपुर पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर तब जवाब दिया, जब आतंकवादियों ने सोमवार (फरवरी) की रात 11 बजे के आसपास सेनपजाई और कांग्लाथेई पहाड़ी श्रृंखलाओं में ऊंचे स्थानों से बिष्णुपुर जिले के उयुमाखोंग और नगंगखलावई गांवों की ओर गोलीबारी शुरू कर दी। यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को दी।
झड़पें मंगलवार रात को चुराचांदपुर जिले के डंपी रिज और मोलजंग के आसपास असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और आईआरबी द्वारा किए गए संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद हुईं। इस दौरान सेना ने युद्धक जैसे हथियार बरामद किए।
मणिपुर के घाटी क्षेत्रों में फिर से अफस्पा करने का आग्रह
जानकारी यह भी मिली है कि मणिपुर के एक आदिवासी संगठन आदिवासी एकता समिति (सीओटीयू) ने केंद्र सरकार से राज्य की इंफाल घाटी में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) को फिर से लागू करने का आग्रह किया है। सीओटीयू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 'अव्यवहारिकता और असंभवता' के कारण पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग के संबंध में मणिपुर सरकार के हालिया आदेश को रद्द करने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त आदिवासी निकाय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मणिपुर की इंफाल घाटी के 19 पुलिस स्टेशनों में एएफएसपीए को फिर से लागू करने की अपील की है। यह ज्ञापन मणिपुर में कांगपोकपी जिले के उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री को दिया गया।
मणिपुर पुलिस अधिकारी का अपहरण
मैतेई कार्यकर्ता संगठन अरामबाई तेंगगोल ने मंगलवार शाम मणिपुर के एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का अपहरण कर लिया। गनीमत रही कि कुछ घंटों के भीतर उन्हें बचा लिया गया। मणिपुर पुलिस के ऑपरेशंस सेल में तैनात एएसपी अमित कुमार को अरामबाई तेंगगोल सदस्यों के एक समूह ने वांगखेई में उनके आवास से उठा लिया, जो गोलियां चलाते हुए आए थे।