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Manipur: मणिपुर के पांच घाटी जिलों में कर्फ्यू में ढील; मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने कही यह बात

Thu, 07 Sep 2023 06:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल

सार

आदेश में कहा गया है कि इस छूट में सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किए बिना कोई सभा या विरोध प्रदर्शन या रैली आदि शामिल नहीं होगी। मंगलवार को राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका में घाटी के पांच जिलों में अगले आदेश तक पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया था।
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इलाके में तैनात पुलिस के जवान (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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विस्तार
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मणिपुर के सभी पांच घाटी जिलों में कर्फ्यू लगाए जाने के एक दिन बाद अधिकारियों ने आम जनता को दवाओं और भोजन सहित आवश्यक वस्तुओं की खरीद की सुविधा के लिए कर्फ्यू में छूट के घोषणा की है। एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि गुरुवार को इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और काकचिंग जिलों में सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। थौबल जिले में कर्फ्यू में छूट सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक दी गई है। 

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इसमें कहा गया है कि बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू में छूट सुबह पांच बजे से 11 बजे तक है। बुधवार को बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई में सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश करने वाले हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद 40 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। 

आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि इस छूट में सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किए बिना कोई सभा या विरोध प्रदर्शन या रैली आदि शामिल नहीं होगी। मंगलवार को राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका में घाटी के पांच जिलों में अगले आदेश तक पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया था।
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मणिपुर में कुकी-जो को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध: जोरमथांगा
मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने एक बार फिर दोहराया है कि मिजोरम मणिपुर के कुकी-ज़ो आदिवासियों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। मणिपुर के छह विधायकों सहित कुकी-जो जनजातियों के लगभग 50 नेताओं ने पड़ोसी राज्य की स्थिति पर चर्चा करने के लिए आइजोल में बुधवार को जोरमथांगा से मुलाकात की। 

सीएम जोरमथांगा ने मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण कई लोगों को हुई कठिनाइयों और असुविधाओं के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कुकी-जो जनजाति के नेताओं से अपने भविष्य की तलाश में विभिन्न समूहों और आम जनता के साथ उचित परामर्श के बाद एकजुट होकर और सावधानीपूर्वक कदम उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सरकार और मिजोरम के लोग मणिपुर की ज़ो सजातीय जनजातियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और जरूरत के समय उन्हें समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

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