पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर जम्मू-कश्मीर को लेकर जारी अहम बैठक के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि केंद्र ने आखिर जम्मू कश्मीर से पूर्ण राज्य का दर्जा क्यों छीना गया? ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। कश्मीर की आजादी नहीं छीननी चाहिए थी। ममता ने आगे सवाल किया कि दो साल में भाजपा नेता के अलावा कोई भी कश्मीर नहीं जा सका। क्या सिर्फ भाजपा देशभक्त है, बाकी सब आतंकवादी हैं?
सरकार के इस कदम से भारत की छवि धूमिल: ममता
सीएम ममता ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम की वजह से पूरी दुनिया में भारत की छवि धूमिल हुई। सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था। माना जा रहा है कि ममता के इस बयान के बाद भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बना सकती है और राज्य में सरकार को घेरने का काम करेगी।
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त करने और उसका विभाजन करने से देश को किसी भी तरह मदद नहीं मिली। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
बनर्जी ने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा (जम्मू कश्मीर का) समाप्त करने की क्या जरूरत थी? इससे देश को बिल्कुल भी मदद नहीं मिली। पिछले दो साल से पर्यटक कश्मीर नहीं जा सके हैं। यह देश की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
उन्होंने कहा कि वहां निरंकुशता ने देश को बहुत बदनाम कराया है जिस तरह कोविड टीकों ने कराया है। बनर्जी ने टीकों के विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हालांकि वह टीकों की कम आपूर्ति, अलग-अलग दरों तथा एकसमान टीकाकरण नीति नहीं होने के खिलाफ विरोध जताते हुए बोलती रही हैं। एक समय उन्होंने भारत में टीकों के कम भंडार को लेकर इसका निर्यात किये जाने की आलोचना की थी।
जम्मू-कश्मीर को लेकर पीएम मोदी संग कश्मीरी नेताओं की बैठक
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के करीब दो साल बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के आठ राजनीतिक दलों के 14 नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। पीएम मोदी के संग कश्मीरी नेताओं की बैठक शुरू हो गई है। हालांकि, सर्वदलीय बैठक के एजेंडा का खुलासा नहीं किया गया। पीएम मोदी के संग सर्वदलीय बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद समेत कई बड़े नेता मौजूद हैं।