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WB: 'जिसका इस्तीफा चाहिए, उनसे मेल मिलना अपमानजनक', डॉक्टर्स ने मिलने से किया इनकार; इंतजार करती रहीं ममता

Tue, 10 Sep 2024 08:39 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, कोलकाता

सार

इससे पहले चिकित्सक दुष्कर्म और हत्या मामले में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर्स ने शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर लौटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटेंगे। इससे पहले सोमवार को शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारी रेजिडेंट डॉक्टर्स को मंगलवार शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था।
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कोलकाता में प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरजी कर अस्पताल की घटना के मुद्दे पर गतिरोध सुलझाने के लिए आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों को राज्य सचिवालय में बैठक के लिए बुलाया। इस बीच डॉक्टर्स ने कहा कि बंगाल के जिस स्वास्थ्य सचिव का हम इस्तीफा चाहते हैं, बैठक के लिए उनका मेल करना अपमानजनक है। आंदोलनकारी चिकित्सकों ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के लिए प्रतिनिधियों की संख्या को 10 तक सीमित करना भी हमारे लिए अपमानजनक है। आरजी कर अस्पताल की दिवंगत सहकर्मी के लिए न्याय की मांग को लेकर हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। इन सब के बीच दावा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टर्स का इंजजार करती रहीं, पर कोई उसने मिलने नहीं गया।

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क्या है मामला?
दरअसल, ममता बनर्जी ने आरजी कर अस्पताल मुद्दे पर गतिरोध दूर करने के लिए मंगलवार शाम आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स को राज्य सचिवालय में बैठक के लिए आमंत्रित किया। स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम की ओर से प्रदर्शनकारी चिकित्सकों को एक ईमेल भेजा गया। इसमें कहा गया, 'आपका छोटा प्रतिनिधिमंडल अब सरकारी प्रतिनिधियों से मिलने के लिए 'नबान्न' आ सकता है। आपके प्रतिनिधिमंडल में अधिकतम 10 व्यक्ति ही हो सकते हैं।'

मुख्यमंत्री इंतजार कर रहीं: चंद्रिमा
इस बीच बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल के बैठक में आने का अपने कमरे में इंतजार कर रही हैं। हमें अभी तक उनसे कोई जवाब नहीं मिला है।
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चिकित्सकों ने क्या दिया जवाब
मामले में आंदोलन कर रहे चिकित्सकों में से एक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एनएस निगम से मेल मिलना हमारे लिए अपमान है। हमें राज्य सचिवालय से कोई मेल नहीं आया है। हमें राज्य के स्वास्थ्य सचिव से मेल मिला, जिनका हम इस्तीफा चाहते हैं। यह अपमान है। यह भी अपमानजनक है कि राज्य सरकार ने बैठक के लिए प्रतिनिधियों की संख्या 10 तक सीमित कर दी। हमारा विरोध प्रदर्शन और हमारा 'काम बंद' जारी रहेगा।

डॉक्टर्स ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना
इससे पहले चिकित्सक दुष्कर्म और हत्या मामले में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर्स ने शाम 5 बजे तक ड्यूटी पर लौटने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटेंगे। इससे पहले सोमवार को शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारी रेजिडेंट डॉक्टर्स को मंगलवार शाम 5 बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि काम पर लौटने पर उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने कोर्ट में यह आश्वासन दिया था कि काम पर लौटने पर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई या तबादले नहीं किए जाएंगे।
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