इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने का कहना है कि बच्चों के लिए घर पर पढ़ाई का माहौल बनाने की जिम्मेदारी माता-पिता की है। बंगलूरू में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि माता-पिता फिल्म देखते वक्त बच्चों को पढ़ाई के लिए नहीं कह सकते। मूर्ति ने कहा कि माता-पिता बच्चों को केवल निर्देश न दें, बल्कि उनके लिए रोल मॉडल बनें। उन्होंने अपनी पत्नी सुधा मूर्ति के बच्चों की परवरिश करने के तरीके के बारे में भी बात की।
नारायण मूर्ति ने कहा कि अक्सर माता-पिता मानते हैं कि बच्चों को केवल सही अध्ययन सामग्री और स्टेशनरी उपलब्ध कराने भर से उनकी जिम्मेदारी पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश के बारे में उनकी पत्नी सुधा मूर्ति से सीखने की जरूरत है। नारायण मूर्ति ने कहा कि जब उनके बच्चे स्कूल में थे तो उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने अपने बच्चों अक्षता और रोहन के साथ पढ़ाई के लिए तीन घंटे से ज्यादा का समय दिया। इससे बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल बनाने में मदद मिली।
नारायण मूर्ति ने कहा कि मेरे यहां शाम 6:30 से शाम 8:30 तक बच्चे पढ़ते थे। इस वक्त टीवी देखने की अनुमति नहीं थी। मेरी पत्नी का तर्क था कि अगर मैं टीवी देखूंगी तो बच्चों को पढ़ाई करने के लिए नहीं कह सकती। इसलिए मैं टीवी देखने का समय छोड़ दूंगी और पढ़ाई करूंगी। उन्होंने कहा कि माता-पिता फिल्म देखते हैं और बच्चों से कहते हैं कि पढ़ाई करो, यह ठीक नहीं है।
इस दौरान सुधा मूर्ति ने भी अपने अनुभव साझा किए कि कैसे उन्होंने बच्चों को अनुशासित जीवन जीना सिखाया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने बेटे को सामान्य तौर पर जन्मदिन मनाने के लिए प्रेरित किया और उसने अपनी जन्मदिन पार्टी के पैसे ड्राइवर के बच्चों की शिक्षा के लिए दिए। नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति यूके के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं। साथ ही व्यवसायी और फैशन डिजाइनर हैं। जबकि उनके बेटे रोहन मूर्ति हार्वर्ड सोसाइटी ऑफ फेलो में जूनियर फेलो हैं।