फडणवीस ने निर्दलीयों को साधा
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है, लाड की जीत से साफ है कि शिवसेना और कांग्रेस के कई विधायकों ने अपने दल के बजाय भाजपा के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस निर्दलियों से भी समर्थन हासिल करने में सफल रहे।
शिंदे ने नहीं खोले पत्ते, फडणवीस की चुप्पी से बढ़ा संदेह
महाराष्ट्र में पर्दे के पीछे का क्या गणित है इसका खुलासा नहीं हुआ है। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने मंगलवार शाम तक अपने पत्ते नहीं खोले। वहीं, राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी से संदेह बढ़ गया है। शिवसेना के नाराज नेता एकनाथ शिंदे की शिवसेना में अहमियत रही है। उनके अचानक बागी होने से पूरा राजनीतिक समीकरण ही बदल गया है।
हालांकि शिंदे ने अभी तक यह साफ नहीं किया कि वे भाजपा के साथ जाना चाहते हैं या फिर शिवसेना में अपना एक अलग गुट बनाकर अपना दबदबा कायम रखना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार शिंदे से मिलने गए शिवसेना के मिलिंद नार्वेकर और रवींद्र फाटक ने उनकी सीएम ठाकरे से फोन पर बात कराई जिसमें शिंदे ने एनसीपी का साथ छोड़ने की शर्त रखी है। लेकिन यह खुलासा नहीं किया है कि वे भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन करना चाहते है।