महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय स्थित गृह विभाग के अधिकारी को एक आरोपी ने खुद को एनसीपी प्रमुख शरद पवार बताते हुए फोन किया। आरोपी ने गृह विभाग के अफसर से कुछ अधिकारियों का तबादला करने की मांग की। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ जारी है।
गृह विभाग के अधिकारी को जब फोन करने वाले पर शंका हुई तो मामला पुलिस को सौंपा गया। जांच में यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट ने 20 अगस्त तक क्राइम ब्रांच पुलिस की हिरासत में सौंपा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने महाराष्ट्र के गृह विभाग के अधिकारियों को फोन किया था। आरोपी ने खुद को शरद पवार बताते हुए बात शुरू की। आरोपी द्वारा एनसीपी प्रमुख के अंदाज में बोलने का प्रयास करने पर अधिकारी को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सतर्क कर दिया।
गृह विभाग की सूचना पर मुंबई पुलिस के गावदेवी पुलिस थाने में बुधवार रात भादंवि की धारा 419 के तहत केस दर्ज किया गया। इसके साथ ही मुंबई की क्राइम ब्रांच पुलिस ने समानांतर जांच शुरू की। इसके बाद मुख्य आरोपी व उसके सहयोगी को पकड़ा गया। इनके नाम अभी उजागर नहीं किए गए हैं।
आवाज बदलने वाले ऐप का इस्तेमाल किया
जांच में पता चला है कि आरोपी ने आवाज बदलकर कॉल करने वाले ऐप का इस्तेमाल करते हुए गृह विभाग को फोन किया था। बता दें, महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी सरकार में एनसीपी साझेदार है। राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल खुद एनसीपी के हैं।
पुणे में जमीन के लेन देन को लेकर किया था ऐसा ही कॉल
इसी तरह का कॉल नौ अगस्त को पुणे जिले के चाकन इलाके में भी किया गया था। यह फोन कॉल जमीन के लेन देन को लेकर किया गया था। चाकन पुलिस मामले की जांच कर रही है।