महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी वर्षा व बाढ़ के कारण 10 लोगों की मौत हो गई। यवतमाल में बस बह जाने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। वहीं, लातूर में बाढ़ में घिरे दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया। बांधों का पानी छोड़े जाने के कारण लातूर व बीड़ जिलों के कई गांवों में पानी घुसने की खबर है। उधर, नासिक में गोदावरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
रविवार व सोमवार को हुई भारी वर्षा से मराठवाड़ा क्षेत्र में 200 से ज्यादा पशुओं की भी मौत की खबर है। आमतौर पर यह सूखाग्रस्त इलाका रहता है, लेकिन वहां इस बार भारी वर्षा हो रही है। लातूर के कलेक्टर पृथ्वीराज बीपी ने बताया कि मंजारा बांध से छोड़े गए पानी के कारण जिले के 158 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम हालात पर नजर रखे हुए हैं। मंजारा नदी के किनारे बसे गांवों व तेरना व मंजारा नदियां जहां मिलती हैं, वहां के हालात पर खासतौर से नजर रखी जा रही है।
बीड़ में कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
उधर, बीड़ जिले में कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सोमवार रात हुई भारी वर्षा के कारण बीड़ के मंजारा व माजलगांव बांध पूर्ण क्षमता तक भर गए हैं। इस कारण स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार सुबह मंजारा बांध के सभी 18 गेट खोल दिए हैं। इनसे 78,397 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण बीड़ जिले के काइज व अंबाजोगई तालुका के गांवों में बाढ़ आ गई है।
बस के ड्रायवर व कंडक्टर समेत तीन लापता
यवतमाल में नांदेड से नागपुर की ओर जा रही रोडवेज बस नाले में बह गई। घटना दहागांव के पास हुई। हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर सहित तीन लोग लापता हैं। जबकि एक शख्स की मौत हो गई है। दो यात्रियों को बचा लिया गया। ये दोनों नागपुर के रहने वाले थे। टिकट मशीन के जीपीएस ट्रैकिंग के अनुसार बस में छह यात्री सवार थे।