महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि उसने जम्मू कश्मीर में चार साल पहले ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले सेना के एक मेजर के परिवार को वित्तीय लाभ देने का फैसला किया है। मेजर अनुज सूद की विधवा आकृति सूद ने 2019 और 2020 के दो सरकारी प्रस्तावों के तहत पूर्व सैनिकों के लिए लाभ (मौद्रिक) की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। मेजर सूद ने 2 मई, 2020 को अपनी जान गंवा दी थी, वे आतंकवादी ठिकानों से बंधक बनाए गए नागरिक को बचा रहे थे। उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।
महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने बुधवार को हाईकोर्ट की पीठ को बताया कि सरकार ने विशेष मामले के तौर पर सूद के परिवार को लाभ देने का फैसला किया है। सरकार ने एक करोड़ रुपये (आकृति को 60 लाख रुपये और सूद के पिता को 40 लाख रुपये) और आकृति को 9,000 रुपये मासिक भुगतान करने का फैसला किया है। पीठ ने सरकार के फैसले की सराहना की और कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थिति का सम्मान किया है।
अदालत ने कहा, "ये वास्तविक मानवीय पीड़ा है। हमेशा एक अपवाद होता है ... यह एक विशेष मामला है। अदालत ने कहा, ''हम याचिकाकर्ता के मामले को विशेष मामला मानकर लाभ प्रदान करने में मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की ओर से अपनाए गए रुख की सराहना करते हैं। पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि राशि का वितरण जल्द से जल्द किया जाए।