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ओमिक्रॉन पर तकरार: दस गुना ज्यादा खतरनाक है XE वैरिएंट! महाराष्ट्र सरकार करवा रही जांच, केंद्र नहीं मानने को तैयार

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 08 Apr 2022 04:49 PM IST

सार

राज्य सरकार की ओर से इस बारे में बताया गया था कि ग्लोबल जीनोमिक डाटा के हिसाब से मुंबई आई दक्षिण अफ्रीकी महिला में ओमिक्रॉन-एक्सई की पुष्टि हुई है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने जल्दबाजी में ओमिक्रॉन-एक्सई की घोषणा कर दी है...
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भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट - फोटो : पीटीआई (फाइल)


दरअसल, बृहन्मुंबई महानगरपालिका निगम ने बुधवार को बताया था कि शहर में ओमिक्रॉन-एक्सई का मामला सामने आया है। दक्षिण अफ्रीका से आई एक 50 वर्षीय कॉस्ट्यूम डिजाइनर से लिए गए नमूनों में इसकी पुष्टि हुई है। यह डिजाइनर 10 फरवरी को भारत आईं थीं। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखे थे। हालांकि औपचारिक प्रक्रिया के तहत उनके नमूने लिए। नमूनों की जांच और जीनोम-सिक्वेंसिंग कराई गई। इसमें पाया गया कि वह ओमिक्रॉन-एक्सई से संक्रमित थीं। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि मुंबई में संभवतया ओमिक्रॉन-एक्सई की आमद हो चुकी है।

केंद्र सतर्क अपने स्तर पर करवा रहा जांच

राज्य सरकार की ओर से इस बारे में बताया गया था कि ग्लोबल जीनोमिक डाटा के हिसाब से मुंबई आई दक्षिण अफ्रीकी महिला में ओमिक्रॉन-एक्सई की पुष्टि हुई है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने जल्दबाजी में ओमिक्रॉन-एक्सई की घोषणा कर दी है। पहले हमें भी ऐसा ही लगा था।



लेकिन भारत के सार्स-कोव जीनोमिक्स कंसोर्टियम के विशेषज्ञों की राय के बाद हमने इन नमूनों की फिर जांच कराने का फैसला किया है। दोबारा जीनोम-सिक्वेंसिंग के लिए नमूने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स, पश्चिम बंगाल भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार है। केंद्र सरकार के जवाब के बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने सात अप्रैल को बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ओमिक्रॉन-एक्सई के बारे में प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। एनआईबीएमजी की रिपोर्ट अभी आई नहीं है। हम उसका इंतजार कर रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है।

दस गुना तेजी से फैलता है ये वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इस वैरिएंट के अलग-अलग लक्षण दिखाई दे रहे हैं। किसी मरीज में इसके हल्के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो कुछ में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों की ओर से की गई रिसर्च में पता चला है कि यह ओमिक्रॉन की तुलना में 10 फीसदी अधिक संक्रामक है। एक्सई वैरिएंट का पहला मामला इसी साल 19 जनवरी को यूके में आया था।

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इस वैरिएंट की गंभीरता काफी हद तक टीकाकरण पर निर्भर करती है। जिसे भी टीका लगा है उनमें इसके हल्के लक्षण देखने को मिल सकते हैं, जबकि जिन लोगों ने अभी तक टीका नहीं लगवाया है उनमें गंभीर लक्षण देखने को मिल सकता है।
  • एक्सई वैरिएंट के लक्षणों की बात करें, तो इससे संक्रमित मरीज को बुखार, गले में खराश, खांसी और सर्दी, त्वचा में जलन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्ट्रेस की समस्या आदि हो सकती है।
  • अभी तक ओमिक्रॉन के जितने भी वैरिएंट आए हैं वह ज्यादा गंभीर नहीं रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों को लगता है कि ये वैरिएंट भी उतना गंभीर नहीं होगा, हालांकि अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी हो सकती है।
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