अथर्वशीर्ष संस्कृत में रचित एक उपनिषद है, जो भगवान ग्रेश को समर्पित है। इस पाठ के दौरान सभी महिलाएं पारंपरिक कपड़े पहनकर दगड़ूशेठ गणपति पंडाल के सामने एकत्र हुईं और ‘अथर्वशीर्ष’ का जाप किया।
महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के मौके पर पुणे में प्रसिद्ध दगडूशेथ गणपति पंडाल में 31,000 से अधिक महिलाओं ने ‘अथर्वशीर्ष’ का पाठ किया। श्रीमंत दगडूशेथ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट ने बताया कि यह उनके गणेश उत्सव समारोह में अथर्वशीर्ष के वार्षिक पाठ का 36वां वर्ष है।
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अथर्वशीर्ष संस्कृत में रचित एक उपनिषद है, जो भगवान ग्रेश को समर्पित है। इस पाठ के दौरान सभी महिलाएं पारंपरिक कपड़े पहनकर दगड़ूशेठ गणपति पंडाल के सामने एकत्र हुईं और ‘अथर्वशीर्ष’ का जाप किया। इस साल पंडाल की थीम आयोध्या के राम मंदिर पर रखी गई थी। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को गणेश चतुर्थी के पहले दिन प्रसिद्ध पंडाल में विशेष पूजा की।
पंडाल के खिलाफ नोटिस जारी
एक अन्य मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने ठाणे जिले के गणेश पंडाल के खिलाफ नोटिस जारी किया है। दरअसल, पंडाल की सजावट पिछले साल शिव सेना में हुए विभाजन पर की गई। कल्याण के शिव सेना (यूबीटी) के नियंत्रण वाले विजय तरुण मंडल के एक पदाधिकारी के अनुसार, इस साल पंडाल का थीम 'लोकतंत्र खतरे में है' पर रखा गया था।
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पिछले साल पुलिस ने शिवसेना के विभाजन वाले सजावटी सामग्री को जब्त कर मंडल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट में मंडल ने पुलिस के कार्रवाई को चुनौती दी थी, जिसके बाद मामला रफा-दफा हो गया था। मंडल के खिलाफ इस कार्रवाई में जारी नोटिस में कहा गया, यदि गणेश चतुर्थी की सजावट में किसी तरह से दो गुटो के बीच विवाद उत्पन्न करने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
कल्याण शिव सेना (यूबीटी) के प्रमुख विजय साल्वी ने कहा, इस साल हम 60वां गणेश उत्सव मना रहे हैं और इस साल का थीम 'लोकतंत्र खतरे में है' रखा गया है। सेना के नेता ने कहा कि उन्होंने दो हफ्ते पहले ही पुलिस को पंडाल की सजावत की जानकारी दे दी थी।