उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के मूल निवासी साहित्यकार डॉ. रामजी तिवारी को साल 2021 का वाग्धारा जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया गया। प्रति वर्ष प्रदान किया जाने वाला वाग्धारा सम्मान 2021 मुंबई के राजभवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र व गोवा के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी समारोह ने साहित्यकार, पत्रकार व चित्रकार सहित कई लोगों को वाग्धारा सम्मान से नवाजा।
साहित्यकार डॉ. रामजी तिवारी को इस वर्ष का वाग्धारा जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया गया। पत्रकार व चित्रकार प्रकाश जोशी, रंगमंच व कला निर्देशक जयंत देशमुख, पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, गीतकार शेखर अस्तित्व, साहित्यकार सूरज प्रकाश तथा धारावाहिक निर्देशक रंजन कुमार सिंह को वाग्धारा नवरत्न सम्मान प्रदान किया गया। इसी श्रेणी में हास्य कवि सुभाष काबरा, फिल्म लेखक संजय मासूम, आशीर्वाद के संस्थापक डॉ. उमाकांत बाजपेई तथा शायर सागर त्रिपाठी को वाग्धारा स्पेशल ज्यूरी नवरत्न सम्मान प्रदान किया गया। कोरोना काल में अभूतपूर्व सेवा के लिए मुंबई रेलवे पुलिस आयुक्त कैसर खालिद, फिल्म अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा, योगी वैद्यराज माखन, डॉ. रजनीकांत मिश्र को वाग्धारा कोरोना योद्धा सम्मान प्रदान किया गया।
देश भर से चुने गए विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले युवा चेहरों में से समाजसेवी सलोनी तोडकरी (मानगांव), गायिका निकिता राय (मुंबई), पत्रकार मनश्री पाठक (नाशिक), नृत्यांगना दुर्गेश्चरी सिंह महक (नोएडा), डॉ. सागर, चित्रकार मुकेश प्रजापति मधुर (अम्बेडकर नगर), स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के नायक आशुतोष कुमार सिंह (दिल्ली) को वाग्धारा यंग अचीवर्स अवॉर्ड प्रदान किया गया।
समाजसेविका सिंधुताई सपकाल, संगीतकार डॉ. पंडित अजय पोहनकर,डॉ. राजेश खरात व स्मिता गोंडकर के सम्मान क्रमशः कृपा पांडे व श्वेता सिंह, भार्गव तिवारी, अवधेश कुमार पांडेय व आरती राजदान ने ग्रहण किए। 27 फरवरी को मराठी भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह का प्रारंभ श्रद्धा मोहिते ने मराठी वंदना से किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य नारायण राणे, पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह व वागीश सारस्वत ने अपने वक्तव्य मराठी भाषा में ही दिए।
अपनी मातृभाषा पर गर्व करें: कोश्यारी
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपना भाषण मराठी में ही दिया और लोगों से आह्वान किया कि वे सभी अपने बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व करना सीखना चाहिए। मैंने मराठी सीखनी शुरू कर दी है और अगले छह माह में मराठी सीख जाऊंगा।