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महाराष्ट्र: 11 मई तक सिर्फ सात जिलों में ही होंगे पर्याप्त आइसोलेशन बेड, ये शहर सबसे ज्यादा होंगे कोरोना से प्रभावित

Sat, 01 May 2021 11:14 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के 36 जिलों में से केवल सात में ही 11 मई तक पर्याप्त आइसोलेशन बेड होंगे। इन अनुमानों के अनुसार नागपुर, पुणे, नासिक, चंद्रपुर और यवतमाल कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित जिले होंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र में कोरोना का कहर अपने उफान पर है। यहां कोरोना के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि साथ ही अस्पतालों में बेड, दवाओं और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी पड़ रही है। इस बीच बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें एक अनुमान के आधार पर कहा गया कि राज्य के कई जिलों में 11 मई तक आइसोलेशन बेड व जरूरी मेडिकल सामानों की भारी कमी हो सकती है। कोरोना के मामलों में अनुमानित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए मीटिंग में जो आंकड़े पेश किए गए, उसके मुताबिक महाराष्ट्र के 36 जिलों में से केवल सात में ही 11 मई तक पर्याप्त आइसोलेशन बेड होंगे। इन अनुमानों के अनुसार नागपुर, पुणे, नासिक, चंद्रपुर और यवतमाल कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित जिले होंगे।

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नागपुर: नागपुर को लेकर जो अनुमान लगाया गया है, उसके मुताबिक अगर यहां 11 मई तक 1.13 लाख कोरोना के एक्टिव केस दर्ज होते हैं तो शहर में 43 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड की कमी हो जाएगी। ऐसा होने पर यहां 8,679 ऑक्सीजन बेड, 1,247 आईसीयू और 455 वेंटिलेटर कम हो जाएंगे।

नासिक: नासिक में अगर एक्टिव केस अपेक्षित 95 हजार की संख्या को पार कर जाते हैं तो यहां भी अस्पतालों में बेड की कमी पड़ सकती है। अनुमान के अनुसार नासिक में 38 हजार 615 बेड की कमी होगी, जिसमें से 6,253 ऑक्सीजन बेड, 1,535 आईसीयू और 29 वेंटिलेटर शामिल हैं। 
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पुणे: पुणे में 11 मई तक 1.2 लाख सक्रिय मामलों के सामने आने की संभावना जताई गई है, जिस कारण जिले में 26 हजार 345 आइसोलेशन बेड और 4,097 ऑक्सीजन बेड कम पड़ सकते हैं। 

ठाणे: ठाणे में अगर एक्टिव केस 79 हजार 95 तक पहुंच जाता है तो यहां 14 हजार 430 बिस्तरों की कमी होने की आशंका जताई गई है।

चंद्रपुर: चंद्रपुर में भी 11 मई तक कोरोना के 40 हजार से अधिक एक्टिव केस दर्ज किए जाने का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते जिले में 16 हजार 995 आइसोलेशन बेड, 3 हजार 989 ऑक्सीजन बेड, 954 आईसीयू और 249 वेंटिलेटर की कमी के कारण।

यवतमाल: यवतमाल में 39 हजार कोरोना के एक्टिव मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में यहां 13 हजार 683 आइसोलेशन बेड की कमी होने का अनुमान लगाया गया है। अनुमान के मुताबिक शहर अस्पतालों को तीन हजार और ऑक्सीजन बेड और 760 अतिरिक्त आईसीयू बेड की जरूरत पड़ सकती है।

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