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Badlapur Case: बदलापुर मामले के आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत; अब स्कूलों में पैनिक बटन लगाने की तैयारी

Mon, 26 Aug 2024 12:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

इस बीच मामले को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने सोमवार को कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी की तरह ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पैनिक बटन भी लगाए जा सकते हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई से सटे ठाणे जिले के बदलापुर में तीन और चार साल की दो छात्राओं के साथ यौन शोषण के आरोपी अक्षय शिंदे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, आदर्श विद्या मंदिर की प्रधानाध्यापिका, संस्था के अध्यक्ष और सचिव को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

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हालांकि, वे फरार हैं। राज्य सरकार की ओर से संस्था को नोटिस जारी कर स्कूल पर प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। यौन शोषण के आरोपी शिंदे को अदालत ने पुलिस हिरासत में भेजा था। सोमवार को हिरासत अवधि खत्म होने पर उसे पुलिस ने न्यायाधीश वीए पत्रावले की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वकील प्रियेश जाधव के अनुसार इस बार कोर्ट ने धारा 9 और 21 बढ़ा दी है। पिछली सुनवाई में धारा 6 नहीं जोड़ी गई थी, लेकिन इस बार पुलिस ने यह धारा भी जोड़ दी है। धारा छह के तहत शिंदे को कम से कम 20 साल की कैद या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।

15 दिन की सीसीटीवी फुटेज गायब, प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका पर पॉक्सो एक्ट लगाने की सिफारिश
आदर्श विद्या मंदिर में 15 दिन के सीसीटीवी फुटेज गायब मिले हैं। शिक्षा मंत्री केसरकर ने कहा कि मुंबई क्षेत्र के उपनिदेशक के नेतृत्व में गठित समिति ने मामले की जांच की, जिसमें पता चला कि अभिभावकों ने यौन शोषण की जानकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका अर्चना आठवले और क्लास टीचर दीपाली देशमुख को दी थी, लेकिन इसका संज्ञान नहीं लिया गया। इसलिए स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका पर भी पॉक्सो एक्ट के 19 (2) और एक के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं, स्कूल की सहायिका कामिनी और निर्मला भोरे को सहआरोपी बनाने की सिफारिश की गई है।
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इसके साथ ही केसरकर ने बच्ची की चिकित्सा जांच में लापरवाही के लिए उल्हासनगर सिविल अस्पताल की भी विभागीय जांच की मांग की है। केसरकर ने कहा कि यौन शोषण की शिकार छात्रा को 10 लाख रुपये और जिस बच्ची के साथ यौन शोषण का प्रयास किया गया उसे 3 लाख रुपये की मदद की जाएगी। केसरकर ने दोनों ही बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र में ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकेगी
महिला उत्पीड़न की शिकायत महाराष्ट्र में अब महिला उत्पीड़न की शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को कहा कि इस बारे में पीएम मोदी के निर्देश के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया।

शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने पैनिक बटन का दिया सुझाव 
इस बीच मामले को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने सोमवार को कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी की तरह ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पैनिक बटन भी लगाए जा सकते हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना
मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केसरकर ने कहा कि स्कूलों में सीसीटीवी की तरह ही पैनिक बटन भी लगाए जा सकते हैं। हॉस्टल में भी पैनिक बटन लगाया जा सकता है। यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुंबई क्षेत्र के उपनिदेशक के नेतृत्व में जांच दल ने बदलापुर घटना की जांच की। जांच में विभिन्न विभागों के लोग शामिल थे। पुलिस तय करेगी कि किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। जिन लोगों की ओर से लापरवाही की गई, उन्हें सह-आरोपी बनाया गया है। उन्हें भी परिणाम भुगतने होंगे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग अब आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने अपने शासन के दौरान कुछ नहीं किया। हम कई कार्रवाई शुरू कर रहे हैं।

बीते दिन रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई
गौरतलब है कि बदलापुर यौन शोषण मामले में महिला एवं बाल कल्याण विभाग और शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट सोमवार को शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर को सौंपी गई। इससे पहले बदलापुर में नाबालिगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पोक्सो अधिनियम की धारा 19 के प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस प्रावधान के तहत प्रत्येक अधिकारी को नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के किसी भी यौन उत्पीड़न के बारे में पता चलने पर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होता है।

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