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नफरती भाषण मामला: तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई को झटका, हाईकोर्ट का मजिस्ट्रेट का समन रद्द करने से इनकार

Fri, 09 Feb 2024 10:03 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

अन्नामलाई ने सेलम में एक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए समन को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने उनकी याचिका खारिज कर दी। 
 
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के अन्नामलाई - फोटो : social media
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विस्तार
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भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई को मद्रास उच्च न्यायालय से झटका मिला है। अदालत ने एक मामले में जारी समन को रद्द करने के लिए अन्नामलाई की ओर से दायर याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। साथ ही कहा कि नफरत भरे भाषण की परिभाषा के अंतर्गत किसी व्यक्ति या समूह पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर भी विचार किया जाना चाहिए।

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अन्नामलाई ने सेलम में एक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए समन को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने उनकी याचिका खारिज कर दी। 

यह है आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को यह समन वी पीयूष नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर जारी किया गया था। अन्नामलाई पर आरोप है कि उन्होंने दीपावली से ठीक दो दिन पहले पटाखे फोड़ने के संबंध में 22 अक्टूबर, 2022 को एक यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में ईसाइयों के खिलाफ नफरत भरा बयान दिया था।
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अदालत ने कही ये बात
न्यायमूर्ति वेंकटेश ने अपने आदेश में कहा कि अन्नामलाई ने एक यूट्यूब चैनल को साक्षात्कार दिया था, जो 44.25 मिनट का है और उसमें से 6.5 मिनट का अंश 22 अक्टूबर, 2022 को भाजपा के ट्विटर हैंडल पर साझा किया गया था। अदालत ने कहा कि यह तारीख महत्वपूर्ण है क्योंकि दीवाली से ठीक दो दिन पहले ऐसा किया था।

नेता को कानून पता होना चाहिए
न्यायमूर्ति वेंकटेश ने कहा कि याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु में भाजपा की राज्य इकाई के वर्तमान अध्यक्ष हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि वह देश के कानूनों को जाने। न्यायाधीश ने कहा कि नेता को पता था कि उनका बयान कई लोगों तक पहुंचेगा, खासकर हिंदू धर्म से जुड़े लोगों तक।  

अदालत ने कहा, 'अन्नामलाई का बयान साफतौर पर एक समुदाय को निशाना बनाने वाला था। उनसे कहा गया कि अल्पसंख्यक धार्मिक समूह बहुसंख्यक धार्मिक समूह की संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास कर रहा है।यह स्पष्ट है कि किसी विशेष धर्म के प्रति घृणा पैदा करने का एक प्रथम दृष्टया इरादा मौजूद है। ये बयान ऐसे व्यक्ति द्वारा दिया गया, जिनके शब्दों का जनता पर बहुत प्रभाव पड़ता है।'

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