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Tamil Nadu: तमिलनाडु के मंत्री और उनकी पत्नी आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार, 21 दिसंबर को सजा का एलान

Tue, 19 Dec 2023 08:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

Tamil Nadu: अदालत ने सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की अपील पर आदेश पारित किया और मंत्री व उनकी पत्नी को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने उन्हें सुनने के बाद सजा सुनाने के लिए 21 दिसंबर को अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया।
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मद्रास उच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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मद्रास उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री और द्रमुक नेता के. पोनमुडी व उनकी पत्नी पी. विसालक्षी को बरी करने के निचली अदालत के आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया। 

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सजा के लिए अदालत में मौजूद रहने का निर्देश
न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की अपील पर आदेश पारित किया और  मंत्री व उनकी पत्नी को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने उन्हें सुनने के बाद सजा सुनाने के लिए 21 दिसंबर को अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया।

मुख्य जिला न्यायाधीश का आदेश रद्द
न्यायाधीश ने विल्लुपुरम के मुख्य जिला न्यायाधीश के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पोनमुडी और उनकी पत्नी को मामले में बरी कर दिया गया था। पोनमुडी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (ई) के साथ धारा 13 (2) के तहत आरोप साबित होते हैं। इस तरह की धाराएं लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने से जुड़ी हैं। 

निचली अदालत का फैसला गलत और त्रुटिपूर्ण
अदालत ने कहा कि विसालक्षी के खिलाफ आरोप भ्रष्टाचार निरोधक कानून की उन्हीं धाराओं और आईपीसी (उकसाने) की धारा 109 के तहत साबित होते हैं।  न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ भारी सबूतों और सबूतों की अनदेखी करके उन्हें बरी करने के लिए निचली अदालत द्वारा दिए गए कारणों की ओर इशारा किया और कहा कि निचली अदालत का फैसला स्पष्ट रूप से गलत, त्रुटिपूर्ण और स्पष्ट रूप से अपरिपक्व है। इसलिए यह अपीलीय न्यायालय के हस्तक्षेप करने और इसे रद्द करने के लिए एक उपयुक्त मामला है।

स्वतंत्र साक्ष्यों की करनी चाहिए जांच
न्यायाधीश ने कहा कि स्वतंत्र सबूतों की समीक्षा किए बिना निचली अदालत द्वारा विसालक्षी के आयकर रिटर्न को स्वीकार करना पूरी तरह से गलत और त्रुटिपूर्ण है। निचली अदालत को इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सहायक और स्वतंत्र साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र साक्ष्य के अभाव में 13,81,182 रुपये की अनुमानित कृषि आय की तुलना में 55,36,488 रुपये की कृषि आय के काल्पनिक दावे को स्वीकार करना कमजोर और स्पष्ट रूप से अपरिपक्व है।
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आय से अधिक संपत्ति हासिल करने का आरोप
अभियोजन पक्ष का कहना था कि पोनमुडी ने द्रमुक शासन में 2006 से 2011 के बीच मंत्री रहते हुए अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 1.75 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। जो आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी। मंत्री को अयोग्य ठहराए जाने की संभावना है, जो अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद स्पष्ट होगा।
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