पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को राज्यसभा में बताया, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमत 603 रुपये है। पड़ोसी देशों की तुलना में ये दरें भारत में सबसे सस्ती हैं। पाकिस्तान में सिलिंडर की कीमत 1,059.46 रुपये, श्रीलंका में 1,033.35 रुपये और नेपाल में 1,198.56 रुपये है। पुरी ने कहा, हम 50 फीसदी कीमत पर एलपीजी सिलिंडर मुहैया करा रहे हैं। हमने बढ़ती वैश्विक कीमत को समाहित कर लिया है, जिससे देश में सिलिंडर सबसे सस्ते हैं। सऊदी अरब में एलपीजी की कीमत दो साल में 415 डॉलर से बढ़कर 700 डॉलर प्रति टन हो गई है। लेकिन सरकार ने कीमत में बढ़ोतरी नहीं की है।
14 से 33 करोड़ हुए रसोई गैस कनेक्शन: पुरी ने बताया, देश में रसोई गैस कनेक्शनों की कुल संख्या 2014 में 14 करोड़ थी, वर्तमान में यह बढ़कर 33 करोड़ हो गई है। इनमें से पीएमयूवाई के तहत कनेक्शन 9.6 करोड़ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना के तहत अतिरिक्त 75 लाख गैस कनेक्शन देने का फैसला किया है, जिनमें से 34 लाख का काम पूरा हो चुका है।
ट्रेनों के 12 हजार से अधिक डिब्बों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, ट्रेनों के 12,000 से अधिक नए डिब्बों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं। इनमें आगामी स्टेशन, गंतव्य और चलने की स्थिति जैसी जानकारी दी जाती है। वंदे भारत, तेजस, हमसफर, ईएमयू और एमईएमयू जैसी ट्रेनों के डिब्बों में डिजिटल डिस्पले बोर्ड उपलब्ध हैं।
तीन वर्षों के दौरान 3.16 करोड़ एमएसएमई पंजीकृत: केंद्र ने राज्यसभा को बताया, एक जुलाई, 2020 से चार दिसंबर, 2023 के बीच 3,16,05,581 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पंजीकृत हुए। एमएसएमई राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा ने लिखित उत्तर में यह बताया। सभी एमएसएमई को उद्यम प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत किया गया है।
एप से कर्ज देने वाली चीनी कंपनियों का डाटा नहीं
भारत में चीन की 53 कंपनियां कारोबार कर रही हैं। हालांकि, मोबाइल एप से कर्ज देने जैसी उनकी कारोबारी गतिविधियों का विशिष्ट डाटा नहीं रखा जा रहा है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सोमवार को लोकसभा में यह बताया। एक अन्य जवाब में कहा, कंपनी अधिनियम 2013 में मुखौटा कंपनियों की कोई परिभाषा नहीं है। ऐसी कंपनियों पर नियंत्रण पर कहा, कंपनी रजिस्ट्रार चाहे तो कई कारणों से कंपनी का पंजीकरण रद्द कर सकता है। एक अप्रैल 2021 से 28 नवंबर 2023 तक 1,55,217 कंपनियों के नाम रिकॉर्ड से हटाए गए।
ईपीएफओ ने 6 महीने में 27,105 करोड़ रुपये ईटीएफ में निवेश किए
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष के पहले 6 माह में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में 27,105 करोड़ निवेश किए। लोकसभा में सोमवार को श्रम-रोजगार मंत्री रामेश्वर तेली ने लिखित जवाब में यह बताया। उनके अनुसार, 2022-23 में ईटीएफ में 53,081 करोड़ का निवेश ईपीएफओ ने किया था। यह 2021-22 के मुकाबले 9,513 करोड़ अधिक था। ईपीएफओ ने ईटीएफ में साल 2015 से निवेश करना शुरू किया था। इसमें लगातार इजाफा किया गया है। श्रम मंत्री ने साफ किया कि ईपीएफओ सीधे किसी शेयर में निवेश नहीं करता बल्कि ईटीएफ के जरिये निवेश करता है, जिसमें सेंसेक्स व निफ्टी-50 सूचकांक को दोहराया जाता है। 31 मार्च, 2022 तक ईपीएफओ के पास 18.30 लाख करोड़ की निधि थी, जिसमें से 8.70 फीसदी का निवेश ईटीएफ में किया गया।
यूपी में हवाईअड्डों की संख्या बढ़ाकर 12 करने की तैयारी
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि मेरठ में स्थित हवाईपट्टी को एटीआर 72 विमान के उड़ान भरने लायक बनाने के लिए 115 एकड़ भूमि की जरूरत है। भूमि के मिलते ही इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा। सिंधिया ने कहा, 65 वर्षों में यूपी में मात्र तीन हवाईअड्डे थे, जिन्हें मोदी सरकार ने बढ़ाकर 12 करने की तैयारी की है। मेरठ भी इसमें शामिल है। जमीन जितनी जल्द मिलेगी, परिचालन उतनी जल्द शुरू होगा।