फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Surveillance on LAC: एलएसी पर निगरानी के लिए बन रहे लंबे समय तक उड़ने वाले ड्रोन, HAL कर रहा तैयार

Mon, 08 Aug 2022 06:52 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

विशेष ड्रोन के विकास से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रोटरी विंग वाले इन ड्रोन में 40 किलो वजन साथ ले जाने की क्षमता होगी। इनमें मिसाइल व सेंसर लगाए जा सकेंगे। इन्हें सेना की जरूरतों को समझते हुए विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
एलएसी पर निगरानी के लिए बन रहे विशेष ड्रोन। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दुश्मन की गतिविधियों की कड़ी निगरानी के लिए सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) विशेष ड्रोन पर काम कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से युक्त यह आधुनिक मल्टी-रोल ड्रोन लंबे समय तक और चीन से लगती सीमा सहित ऊंचे इलाकों पर उड़ने में सक्षम होंगे।

विज्ञापन


इनके विकास से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रोटरी विंग वाले इन ड्रोन में 40 किलो वजन साथ ले जाने की क्षमता होगी। इनमें मिसाइल व सेंसर लगाए जा सकेंगे। इन्हें सेना की जरूरतों को समझते हुए विकसित किया जा रहा है। एलएसी के पहाड़ी व ऊंचे क्षेत्रों का खास ध्यान में रखा जा रहा है। इन्हें मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) की श्रेणी में रखा जाता है। 

इस्राइली ड्रोन हेरन के उत्पादन पर भी नजर
इस्राइली ड्रोन हेरन टीपी के उत्पादन की संभावना एचएएल तलाश रहा है। इनके उत्पादक से समन्वय किया जा रहा है ताकि भारतीय सेना की जरूरतों के अनुसार इन्हें तैयार कर सकें और वैश्विक सप्लाई भी कर पाएं। यह ड्रोन 35 हजार फीट की मध्यम ऊंचाई पर 45 घंटे तक उड़ने में सक्षम है। इन्हें ऑटोमेटिक टैक्सी-टेक ऑफ और लैंडिंग (एटीओएल) और उपग्रह संचार प्रणाली से युक्त रखा जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें