बिरला ने कहा, कल जो हुआ उससे मैं बहुत आहत हूं। आसन का अपमान संसदीय व्यवहार का हिस्सा नहीं है। अगर सांसद खुद इसका ध्यान नहीं रखेंगे और आसन का सम्मान नहीं करेंगे, तो संसदीय कामकाज को मजबूती कैसे मिलेगी।
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को विपक्ष के सदस्यों द्वारा आसन पर कागज फेंकने के मामले में नाराजगी जताते हुए कहा, देश की सबसे बड़ी पंचायत में ऐसा आचरण अस्वीकार्य है। विपक्षी सदस्यों के इस आचरण से सदन की मर्यादा को ठेस पहुंची है। बिरला ने सांसदों को चेताया कि दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए, अन्यथा मुझे कार्रवाई करनी पड़ेगी।
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बिरला ने कहा, मेरी कोशिश है कि सभी सदस्यों को उनकी बात रखने के लिए पर्याप्त समय मिले और उनका भरपूर सम्मान भी हो। अगर इसके बावजूद कल जैसी घटना दोबारा होती है तो मुझे ऐसा करने वाले सदस्यों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे और इसमें पूरे सदन को सहयोग करना होगा ताकि संसद की गरिमा को कायम रखा जा सके।
लोकसभा लोकतंत्र का मंदिर
बिरला ने कहा, लोकसभा को हम लोकतंत्र का मंदिर मानते हैं। हमें यह भरोसा रहता है कि आसन सदैव निष्पक्ष रहेगा और सबको न्याय देगा। अगर किसी सदस्य का आसन के प्रति कोई सवाल है तो वह मेरे चेंबर में आकर मुझसे बात करे। बिरला ने कहा, संसद की गरिमा बरकरार करने के लिए हमें आपसी सहयोग से काम करना होगा।