उत्तर प्रदेश के मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान डिंपल यादव ने किसानों, युवाओं से मुद्दों पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के किए वादों पर भी सवाल पूछा।
डिंपल यादव का सरकार पर निशाना
डिंपल यादव ने कहा, ‘हमारे देश कृषि प्रधान देश है और ऐसे में अगर हम युवाओं और किसानों के लिए कुछ कर नहीं पा रहे, तो इसका मतलब है कि हम अपने फर्ज से डगमगा रहे हैं।’ सपा सांसद ने सवाल किया कि सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, उसका क्या हुआ? डिंपल यादव ने सवाल पूछा, ‘’सरकार ने बजट में किसानों के लिए क्या किया? उत्तर प्रदेश को क्या मिला? क्या बीते 10 वर्षों में एक भी मंडी तैयार की गई? क्या जीएसटी में कोई राहत दी गई? उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पूरा देश इस समय चौकीदारी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आवारा मवेशियों के आतंक की वजह से लोग सो नहीं पा रहे क्योंकि मवेशियों की बढ़ती संख्या की वजह से लोगों को अपने खेतों की रक्षा के लिए रात भर जागना पड़ता है। सपा सांसद ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या केंद्रीय बजट में इस समस्या से निपटने के लिए कोई व्यवस्था तैयार की गई है?
किसानों की मौत और आत्महत्या पर उठाए सवाल
देश में किसानों की आत्महत्या पर डिंपल यादव ने कहा, ‘वर्ष 2020 और 2021 में किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हो गई। इसके अलावा वर्ष 2014 से 2022 के बीच एक लाख किसानों ने आत्महत्या कर दी। किसान बीमा योजना का लाभ कितने किसानों को पहुंचा? अर्थव्यवस्था चरमरा रही है और महंगाई बढ़ रही है।’ डिंपल यादव ने युवाओं की समस्या पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने युवाओं से रोजगार का वादा किया था लेकिन, आज युवा दुखी हैं। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और अग्निपथ जैसी योजनाओं से उनका मनोबल गिर रहा है। सरकार ने जाति जनगणना और महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर आंखें मूंदी हुई हैं। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की है?
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बजट की आलोचना
डिंपल यादव ने स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बजट की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बजट में कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवंटित किया गया बजट देश के सकल घरेलू उत्पाद का 1.9 फीसदी है, जो कि बहुत कम है। सपा सांसद ने कहा कि सरकार को इन सब बातों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
राजीव प्रताप रूडी ने सर्पदंश से हो रही मौतों पर चेताया
बिहार के सारण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि हर वर्ष देश में 30 से 40 लाख लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को उठाया। रुडी ने कहा, ‘बिहार गरीबी और प्राकृतिक आपदाओं के मामले में सबसे पिछड़ा हुआ राज्य है। भारत में हर वर्ष 30 से 40 लाख लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं तो इनमें से 50 हजार लोगों की कप्रति वर्ष मौत हो जाती है। यह दुनिया में सबसे अधिक है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इनमें से कई मौतों को रोका जा सकता था। राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि मौसम परिवर्तन की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और इस वजह से सर्पदंश की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है।
वेल्लोर सांसद ने बीड़ी फैक्टरियों के कामगारों की समस्या को उठाया
वेल्लोर के सांसद एम कथिर आनंद ने बीड़ी फैक्टरियों में काम करने वाले कामगारों की समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर महिलाएं हैं। कथिर आनंद ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि बीड़ी फैक्टरियों में काम करने वाले कामगारों की दिहाड़ी बढ़ाई जाए।
कन्याकुमारी सांसद ने आयुष्मान योजन के मूल्यांकन की बात कही
कन्याकुमारी से सांसद विजय वसंत ने सरकार से अनुरोध किया है कि आयुष्मान भारत योजना का फिर से मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि स्वास्थ्य को लेकर खर्च पूरी तरह से कवर किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज में सुधार की भी बात कही।
भठिंडा सांसद ने आईसीडीएस में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया
उधर भठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर ने पंजाब में एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा कि निजी संस्थाओं के जरिए फर्जी लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
करुर सांसद ज्योतिमनि ने नीट का मुद्दा उठाया
उधर, तमिलनाडु के करुर से सांसद एस ज्योतिमनि ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘हमें लगता है कि जिसके पास प्रश्न पत्र खरीदने के लिए 25 लाख रुपये हैं, वो ही इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है।’ उन्होंने इस मामले की कड़ी जांच की मांग की है।
यूनेस्को की विश्व धरोहर की संभावित सूची में भारत की 60 संपत्तियां
सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि भारत में 60 संपत्तियां ऐसी हैं, जिन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संभावित सूची में शामिल किया जा सकता है। ये अलग अलग राज्यों की ऐसी संपत्तियां हैं, जिन पर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में नामांकन के लिए विचार किया गया है। आपको बता दें कि विश्व धरोहर समिति (डब्ल्यूएचसी) का 46वां सत्र 21 जुलाई से 31 जुलाई तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।