कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बॉस्टन हवाई अड्डे पर गिरफ्तार होने की खबर इन दिनों खूब वायरल हो रही है। खबर यह है कि सितंबर, 2001 में बॉस्टन एयरपोर्ट पर एक भारतीय राजनेता के पास से प्रतिबंधित ड्रग्स और बेहिसाब कैश मिलने के उन्हें हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में अमेरिका में भारतीय राजदूत के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया था।
हालांकि खबर में किसी के नाम का जिक्र नहीं है, लेकिन यह लिखा है कि हिरासत में लिया गया पॉलिटिशियन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री का बेटा था। इसीलिए माना जा रहा है कि यहां राहुल गांधी की बात की जा रही है। दरअसल 16 अप्रैल को आरबीआई के डायरेक्टर एस गुरुमूर्ति ने अखबार के एक आर्टिकल की फोटो ट्वीट की थी जिसमें यह दावा किया गया था कि बॉस्टन एयरपोर्ट पर एक भारतीय राजनेता के पास से प्रतिबंधित ड्रग्स और बेहिसाब कैश मिलने पर उसे हिरासत में लिया गया। द बॉस्टन ग्लोब नाम के अखबार की इस तस्वीर के मुताबिक यह आर्टिकल 30 सितंबर, 2001 का है।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल?
अमर उजाला ने इस खबर की पड़ताल की तो दो बातें सामने आई-
पहली ये कि आर्टिकल की जो तस्वीर शेयर की गई थी वह 'द बॉस्टन ग्लोब' नाम के अखबार की नकल कर के बनाई गई है। यानी यह असली तस्वीर नहीं है। दरअसल,
fodey.com नाम की एक वेबसाइट है जिसकी मदद से किसी भी अखबार की क्लिप बनाई जा सकती है। इस क्लिप को भी वहीं से बनाया गया है।
और दूसरी बात यह कि खबर साल 2001 में प्रकाशित हुई है। जबकि कांग्रेस ने 2004 में राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री की आधिकारिक घोषणा की थी। इसलिए इस तारीख से पहले उनकी गिनती 'भारतीय राजनेता' में नहीं हो सकती है।
हां, यह बिल्कुल सही खबर है कि 29 सितंबर, 2001 को, कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष राहुल गांधी को वॉशिंगटन जाते समय बॉस्टन एयरपोर्ट पर एफबीआई अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से करीब एक घंटे के लिए रोका था, क्योंकि उस समय 9/11 हमलों के बाद अमेरिका में सुरक्षा को लेकर सावधानियां बढ़ी हुई थीं और एफबीआई और अन्य लोगों द्वारा कई सुरक्षा जांच को देखा जा रहा था।
अमर उजाला की पड़ताल में यह खबर गलत निकली।
आपके लिए
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