लेफ्ट पार्टियों- सीपीआई और सीपीएम की चुनाव में स्थिति?
2009 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई ने 56 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा और इनमें से सिर्फ 4 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। सीपीआई ने एक-एक सीट ओडिशा और तमिलनाडु से जीती जबकि बंगाल से पार्टी के खाते में दो सीटें आई। सीपीएम ने इस चुनाव में 82 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा और इनमें से 16 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। सीपीएम ने सबसे ज्यादा सीटें पश्चिम बंगाल से जीतीं। पश्चिम बंगाल से पार्टी के खाते में 9 लोकसभा सीटें आईं। जबकि केरल से सीपीएम ने चार और त्रिपुरा से 2 लोकसभा सीट जीती। वहीं, तमिलनाडु से पार्टी ने एक ही लोकसभा सीट जीती।
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बसपा और दूसरी पार्टियों की स्थिति?
15वें लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने सबसे ज्यादा 500 सीटों पर प्रत्याशी उतारे और इनमें से जीत सिर्फ 21 उम्मीदवारों की ही हुई। 2004 के आम चुनाव में बसपा ने 19 लोकसभा सीटें जीती थीं। वहीं, एआईएडीएमके ने इस लोकसभा चुनान में 9 सीटें जीतीं। पार्टी ने ये सारी सीटें तमिलनाडु से ही जीतीं। दूसरी तरफ, जेडीएस ने चुनाव में लोकसभा की 3 सीटें जीतीं। फॉरवर्ड ब्लॉक और टीआरएस ने चुनाव में 2-2 सीटें जीतीं।
| 2009 लोकसभा चुनाव |
| पार्टी |
सीटें |
| कांग्रेस |
206 |
| भाजपा |
116 |
| बसपा |
21 |
| सीपीआई |
4 |
| सीपीएम |
16 |
| एनसीपी |
9 |
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कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश से जीतीं सबसे ज्यादा सीटें
2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें आंध्र प्रदेश से जीतीं। पार्टी ने इस सूबे से 33 सीटें जीतीं। जबकि सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश से पार्टी के खाते में सिर्फ 21 सीटें ही आई। उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा रहा। राजस्थान से पार्टी के खाते में 20 लोकसभा सीटें आई। इसी तरह, कांग्रेस ने पंजाब से 8 सीटें और केरल से 13 सीटें जीतीं।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें कर्नाटक से जीतीं। यूपी से भाजपा के खाते में सिर्फ 10 ही सीटें आई। राजस्थान से पार्टी ने चार और पश्चिम बंगाल से सिर्फ एक ही सीट जीती। बिहार से पार्टी ने 12 लोकसभा सीटें और मध्यप्रदेश से 16 सीटें जीतीं।
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2009 आम चुनाव के रोचक फेक्ट?
-इस चुनाव में 45 महिलाएं सांसद बनीं।
-चुनाव 16 अप्रैल 2009 से 13 मई 2009 के बीच संपन्न हुआ।
-सबसे ज्यादा महिला सांसद यूपी से जीतीं। सूबे से 7 महिलाएं चुनाव जीतीं।
-गोवा ऐसा राज्य था जहां से इस चुनाव में सिर्फ एक महिला ही चुनाव जीतीं।
-राजस्थान के दौसा से सचिन पायलट सबसे कम उम्र 26 साल में सांसद बने।
-सबसे ज्यादा मतों से दिल्ली से सज्जन कुमार चुनाव जीते।
- इस चुनाव में 10 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन का उपयोग हुआ।