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शादी के 30 दिन के भीतर करें रजिस्ट्रेशन नहीं तो वसूला जाएगा जुर्माना!

Tue, 04 Jul 2017 08:25 PM IST
amarujala.com- written by: संदीप भट्ट
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केंद्र सरकार जल्द विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। विवाह पंजीकरण के लिए सरकार नया कानून लाने पर भी विचार कर रही है। केंद्र सरकार लॉ कमिशन की रिपोर्ट के बाद यह फैसला ले सकती है। विधि आयोग ने सभी धर्मों में शादी का पंजीकरण अनिवार्य करने की सिफारिश की है। आयोग ने केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून बनाने की अपील की है। 
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एक समान कानून पर जोर देते हुए आयोग की 270वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी धर्मों के लोगों के लिए शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया जाना चाहिए। शादी समारोह के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण हो जाना चाहिए। आयोग ने रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ एक्ट, 1969 में संशोधन करने की सिफारिश की है। आयोग की ओर से बिना किसी उचित कारण के पंजीकरण न कराने पर पांच रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने की भी सिफारिश की गई है।

जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाले विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है किआजादी के बाद से लैंगिक समानता के लिए कई प्रयास किए गए। हाल के दिनों में शादी में भी फर्जीवाड़े की बातें सामने आई हैं।
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शादी का पंजीकरण अनिवार्य न होने स्थिति में वैध शादी की शर्तों को पूरा न करने के बावजूद महिलाओं को शादी के बंधन में बांध दिया जाता है। फर्जी शादियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। खासकर अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा ऐसी शादियों को अंजाम दिया जा रहा है।

आयोग ने गलत जानकारी (मसलन, नाम और पते) देने पर भी जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। शादी के एक वर्ष के भीतर पंजीकरण संभव हो सकेगा, लेकिन इसके लिए संबंधित अथॉरिटी से अनुमति लेनी होगी। एक वर्ष के बाद पंजीकरण कराने के लिए फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के आदेश की दरकार होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जन्म व मृत्यु के पंजीकरण कराने के लिए जिम्मेदार रजिस्ट्रार को शादी के पंजीकरण की भी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। गत 16 फरवरी 2017 को कानून मंत्रालय ने विधि आयोग को इस मसले पर अध्ययन करने के लिए कहा था।

सनद रहे कि मुख्य मुस्लिम संगठनों का यह पक्ष रहा है कि शादी का पंजीकरण अनिवार्य करना शरीयत के विपरीत है। विशेषज्ञों की मानें तो शादी का पंजीकरण अनिवार्य करने से देश में गंभीर सामाजिक और कानूनी समस्याएं को दूर करने में मदद मिलेगी।
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योगी सरकार को मिला विधि आयोग का ‘साथ’

विधि आयोग की इस सिफारिश से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बल मिला है। पिछले दिनों योगी सरकार ने सभी धर्मों में शादी का पंजीकरण अनिवार्य करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय को लेकर काफी विवाद हुआ था, लेकिन अब योगी सरकार को इस मामले में विधि आयोग का साथ मिल गया है।
 
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