एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भाजपा को लखीमपुर खीरी कांड की भारी कीमत चुकाने की चेतावनी देते हुए कहा कि पूरा विपक्ष किसानों के साथ है। शरद पवार ने हिंसा को किसानों पर हमला बताते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों की है और लोग उन्हें अपनी जगह दिखाएंगे।
पवाल बोले- केंद्र व राज्य सरकार असंवेदनशील
उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं हैं। जलियांवाला बाग में जिस तरह की स्थिति पैदा हुई थी, हम उत्तर प्रदेश में ऐसी ही स्थिति देख रहे हैं। आज या कल, उन्हें भुगतान करना होगा इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए पवार ने किसानों को आश्वासन दिया कि पूरा विपक्ष उनके साथ है और जल्द ही भविष्य की कार्रवाई पर फैसला करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से घटना की जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मैं उनसे सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि वे किसानों की आवाज को दबाने में सफल नहीं होंगे। पूरे देश के किसान एकजुट हैं और सरकार में बैठे लोगों द्वारा सत्ता के इस दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
पवार ने भाजपा सरकारों पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसानों की मौत पर दुख व्यक्त करने के लिए भी तैयार नहीं हैं। उन्होंने सांसदों और मुख्यमंत्रियों सहित विपक्षी नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने के लिए यूपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र में उनके मौलिक अधिकारों की हत्या करने जैसा है।
परिजनों से मिलने पहुंचीं सुष्मिता देव
वहीं, टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने आज लखीमपुर खीरी पहुंचकर हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों से मुलाकात की।
सुष्मिता देव ने हाल ही में टीएमसी को ज्वाइन किया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में मारे गए युवा किसानों के परिवार से मिलकर दिल टूट रहा है। साथ ही सांसद ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी काले कानूनों को निरस्त करने और भाजपा सरकारों के अन्यायों को रोकने के लिए किसानों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने सिंगूर में लड़ाई लड़ी और भारत के किसानों के लिए लड़ाई जारी रखने का आश्वासन दिया।
देश में लोकतंत्र खतरे में: मुख्यमंत्री गहलोत
राजस्थान के कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी लखीमपुर की घटना को लेकर भाजपा शासित केंद्र सरकार और यूपी में भाजपा शासित योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है।
जयंत चौधरी बोले- सच्चाई दबाने में लगी है पूरी मशीनरी
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार में पूरी राज्य मशीनरी लखीमपुर खीरी की सच्चाई को दबाने और विपक्ष पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के इस जिले में पहुंचने वाले कुछ नेताओं में से एक हैं। यहां चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे। चौधरी ने कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए गुरिल्ला रणनीति अपनानी पड़ी।
उन्होंने कहा, लखीमपुर पहुंचना एक कठिन काम था क्योंकि सीएम योगी ने पूरी सरकारी मशीनरी को विपक्ष को विफल करने की दिशा में काम करने के लिए लगाया है। सरकार और पार्टी के बीच एक अंतर दिखना चाहिए लेकिन जिला मजिस्ट्रेट से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों और पुलिस तक में ऐसा नहीं दिखता। ऐसा लगता है कि सभी ने भाजपा की सदस्यता ले ली है।
माफी मांगें नरेंद्र मोदी: सिद्धारमैया
कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चार किसानों की हत्या ने उन्हें जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद दिला दी। उन्होंने इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की। सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार किसानों को हल्के में ले रही है।