किरण बेदी ने कहा कि हर जगह भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात नहीं रखा जा सकता। इसकी एक सीमा होती है। ज्यादातर मामलों में जब तक पुलिस किसी घटना स्थल पर पहुंचती है तब तक भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाया जा चुका होता है। इस तरह के मामले संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास इस तरह की स्थिति को संभालने का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। इसे सीमित पुलिस बल के साथ एक भीड़ को नियंत्रित रखने की एक मानवीय कला के रूप में समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दिन-ब-दिन हमारी पुलिस व्यवस्था ज्यादा परिपक्व हो रही है। पुलिस बलों को मिलने वाला प्रशिक्षण और बदलती तकनीकी अब पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव ला रही है। उम्मीद है कि तकनीकी के बढ़ते प्रभाव से आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाओं को ज्यादा बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।