महाराष्ट्र में आगामी कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव का एलान होना है, वहीं इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लड़की बहिन योजना की कुछ किस्तें पहले ही जारी कर रही है। वहीं इसे लेकर राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोप पर जवाब दिया और उन्हें सौतेला भाई भी करार दिया है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि माजी लड़की बहिन योजना के लिए अक्तूब और नवंबर की किस्तें पहले से ही जमा कर दी जाएंगी, क्योंकि दिवाली के दौरान विधानसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इस दौरान विपक्षी महा विकास अघाड़ी पर निशाना साधते हुए उन्होंने ने महिलाओं से अपील की कि वे कल्याणकारी योजनाओं को रोकने की कोशिश कर रहे कुछ 'सौतेले भाइयों' से सावधान रहें।
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'आपका असली भाई इस योजना को नहीं बंद होने देगा'
वहीं देवेंद्र फडणवीस ने कहा, जब तक आपके असली भाई मुंबई (महायुति गठबंधन) में बैठे हैं, हम इन योजना को कभी बंद नहीं होने देंगे। बता दें कि 'मुख्यमंत्री माजी लड़की बहिन योजना' के तहत, राज्य सरकार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता जमा करती है। वहीं भाऊ बीज नवंबर में मनाया जाएगा। उस समय चुनाव संहिता लागू होने की आशंका को देखते हुए सरकार अक्टूबर और नवंबर के लिए 'लड़की बहिन' योजना की किश्तें अग्रिम रूप से जमा कर रही है।
हम आपके सगे भाई हैं- देवेंद्र फडणवीस
सोलापुर जिले के अक्कलकोट शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, इसका मतलब है कि नवंबर के लिए 'भाऊ बीज' आपके खातों में अग्रिम रूप से जमा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अकेले अक्कलकोट निर्वाचन क्षेत्र में 94,000 महिला लाभार्थियों को (योजना के तहत अग्रिम रूप से) वित्तीय सहायता मिली है। उन्होंने कहा, हम आपके सगे भाई हैं, लेकिन लड़की बहिन योजना को रोकने की कोशिश करने वाले कुछ सौतेले भाइयों से सावधान रहें।
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कांग्रेस पर देवेंद्र फडणवीस ने साधा निशाना
उन्होंने दावा किया कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के आधिकारिक चुनाव प्रभारी अनिल वडपल्लीवार और कांग्रेस नेता सुनील केदार ने 'लड़की बहिन', 'लेक लड़की' योजनाओं और महिलाओं के लिए बस टिकटों पर 50% छूट को रोकने के लिए उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ का दरवाजा खटखटाया है और इसे पैसे की बर्बादी बताया है। बता दें कि राज्य सरकार ने जुलाई में राज्य बजट में घोषित 'माजी लड़की बहन योजना' को लागू करने के लिए 46,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।