कोलकाता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल लगातार विवादों में घिरा हुआ है। एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए भयावह कृत्य के गुस्साए छात्र और डॉक्टर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, बीते दिनों कॉलेज परिसर में प्रदर्शनकारियों के भेष में उपद्रवियों के एक समूह ने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही तोड़फोड़ की थी। अब इस तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने कम से कम 25 लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह है तोड़फोड़ मामला
गौरतलब है, आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को प्रदर्शनकारियों के भेष में उपद्रवियों का एक समूह घुस आया था, जिसने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही तोड़फोड़ की। इस दौरान उपद्रवियों ने कई वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए थे। इसके अलावा, इन लोगों ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग, नर्सिंग यूनिट और दवा की दुकान में भी तोड़फोड़ की और सीसीटीवी को क्षतिग्रस्त कर दिया। जब सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो उपद्रवियों ने उनपर भी पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना के बाद कॉलेज परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
क्या बोली थीं ममता बनर्जी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा था, 'आरजी कर अस्पताल में जिन लोगों ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया, उनका छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वे बाहरी लोग हैं। मेरे पास तीन वीडियो हैं, जिसमें कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए हैं। वे भाजपा के लोग हैं और कुछ डीवाईएफआई के लोग हैं जो सफेद और लाल झंडे थामे हुए हैं। कल पुलिस पर भी हमला हुआ। मैं उनको बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने धैर्य नहीं खोया, उन्होंने किसी को चोट नहीं पहुंचाई। अब केस हमारे हाथ में नहीं है, सीबीआई के हाथ में है, अगर आपको कुछ कहना है तो सीबीआई को बताएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है।'
किन लोगों को किया गया गिरफ्तार?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता, कुछ महिलाएं और डिलीवरी स्टाफ शामिल है। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई ऐसे हैं, जो डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने घर से निकले थे, लेकिन उन पर बर्बरता का आरोप लगा दिया गया।
टीएमसी कार्यकर्ता गिरफ्तार
अखबार के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में एक जिम प्रशिक्षक और स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता सौमिक दास भी शामिल है। उनके परिवार का कहना था कि दास भावनाओं में बह गया था। उनकी चाची ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'घटना के बाद से वह घर वापस नहीं आया है। पुलिस घर पर आई थी और उन्होंने हमसे दास को थाने लाने के लिए कहा। हालांकि, बाद में उसे कहीं और से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे पश्चाताप है। वह भावनाओं में बह गया था।'
उन्होंने आगे कहा, 'पार्टी से पूछिए कि उसने उनके लिए काम किया या नहीं। यहां किसी से भी पूछ लीजिए वे आपको बताएंगे कि वह टीएमसी कार्यकर्ता था। वह अकेला नहीं था। उसके साथ अन्य युवक भी गए थे।'
पिता ने बेटे की तस्वीर अखबार में देखी
एक अन्य आरोपी देबाशीष मंडल स्थानीय किराना स्टोर पर सामान पहुंचाने का काम करता है। उसके पिता ने बताया कि उसका बेटा विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि उनका बेटा डिनर के बाद कैंडल मार्च में शामिल होने गया था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन अखबार में उन्होंने पुलिस बैरिकेड पर खड़े बेटे की तस्वीर देखी।
उन्होंने कहा, '15 अगस्त को पुलिस आई और मैंने उनसे कहा कि वह बस एक तमाशबीन था। उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। बाद में हम पुलिस स्टेशन गए और बेटे ने आत्मसमर्पण कर दिया।'
विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्रा हंगामे में फंसी
19 वर्षीय छात्रा तुलसी हलदर पर भी पश्चिम बंगाल पुलिस ने तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा साझा की गई तस्वीर में वह अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के अंदर हाथ में बांस लिए खड़ी दिखाई दे रही है। उनकी मां ने कहा कि परिवार विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गया था, लेकिन किसी तरह हलदर हंगामे में फंस गई।
क्या है जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म व हत्या मामला?
नौ अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। यह अपराध देर रात तीसरी मंजिल स्थित सेमिनार हॉल में हुआ और बाद में पुलिस ने बताया कि उसके शरीर पर कई घाव और चोट के निशान पाए गए। मुख्य आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी तक अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया है।