ममता बनर्जी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान हमने पश्चिम बंगाल में लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था की। साथ ही, सभी का ध्यान रखा। इसके अलावा टीएमसी सरकार में लोगों की आय में इजाफा हुआ है।
ममता बनर्जी ने घोषणा पत्र जारी करते वक्त अपनी तबीयत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण घोषणा पत्र जारी करने में देर हुई। दीदी बोलीं, 'आप जानते हैं कि हमने अपने सभी वादे पूरे किए हैं। हम लोगों ने जो काम किया, उसकी तारीफ दुनियाभर में हो रही है। हमें यूएन से पुरस्कार भी मिला। हम 100 दिन के काम के मामले में नंबर एक पर हैं। हमने राज्य में 40 प्रतिशत गरीबी घटाई और किसानों की आय तीन गुना बढ़ाई।
ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार ने लोगों को रोजगार दिया। मैंने अपना पूरा जीवन मातृभूमि की सेवा को सौंप दिया है। मैं बंगाल की बेटी हूं और यह घोषणा पत्र मां, माटी व मानुष के लिए है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में हमारी सरकार के कई काम अधूरे रह गए, क्योंकि कोरोना के चलते लॉकडाउन था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सत्ता में लौटती है तो विधवाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे। लोगों के घर तक राशन पहुंचाया जाएगा। एससी-एसटी को सालाना 12 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, निम्न वर्ग के लोगों को भी हर साल छह हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा ममता बनर्जी ने छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड लाने का भी एलान किया।
ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी घटी है। अगर हमारी सरकारी दोबारा सत्ता में आती है तो हर साल पांच लाख नौकरियां दी जाएंगी। दीदी ने बताया कि जब टीएमसी सत्ता में आई थी, तब हमारा राजस्व 25 हजार करोड़ था, जो अब 75 हजार करोड़ पहुंच गया है। ममता ने घोषणा पत्र में दुआरे सरकार कार्यक्रम हर साल चार महीने चलाने का वादा किया। साथ ही, घर-घर राशन पहुंचाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक घोषणा पत्र नहीं है। यह विकास की विचारधारा वाला घोषणा पत्र है। यह घोषणा पत्र लोगों का है, लोगों के लिए है और लोगों द्वारा लाया गया है।
घोषणा पत्र जारी करने के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के नोटिस पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे लोग पीएम मोदी से क्यों नहीं पूछते कि वह कोरोना वैक्सीन का इतना प्रचार क्यों कर रहे हैं? बता दें कि घर-घर राशन पहुंचाने की सरकार की घोषणा को लेकर चुनाव आयोग ने पुरुलिया के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।