इस दौरान कई विपक्षी सदस्यों ने कहा कि 2019 में दो मामलों में ही दोषसिद्धि हुई। विपक्ष ने सवाल किया कि क्या सरकार फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है। रेड्डी ने कहा कि संसद से पारित होने के बाद संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन के दौरान कई टिप्पणियां की गईं लेकिन उन्हें पूर्ण आजादी दी गई। 100 से अधिक दिनों से चल रहे मौजूदा किसान आंदोलन के दौरान कई बयान दिए गए लेकिन सरकार ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया ।
इस पर रेड्डी ने कहा कि जिन 96 मामलों का जिक्र किया गया है, उन सभी मामलों में अदालत का फैसला नहीं आ गया है। उन्होंने कहा कि कई मामले विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामले जांच के चरण में हैं तो कुछ मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है वहीं कुछ में सुनवाई चल रही है।
उन्होंने कहा कि इस सरकार ने आंकड़ों में राजद्रोह के मामले शामिल करने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार में राजद्रोह कानून के आंकड़े छिपाए जाते थे। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र और प्रेस की आजादी के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी व्यक्ति संविधान के तहत बोल सकता है तथा सरकार इसमें कोई रुकावट नहीं पैदा करती।