पश्चिम बंगाल में कोलकाता के सरकारी अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की नृशंस हत्या से पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म होने का दावा किया गया है। ऑल इंडिया गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अतिरिक्त सचिव डॉ. सुवर्ण गोस्वामी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि मृतका के शरीर पर लगी चोटों से पता चलता है कि अपराध में एक से अधिक लोग शामिल थे। इस बीच, हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने मौके से सबूत जुटाए। वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी की। सीबीआई टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
गोस्वामी ने कहा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उन दावों का भी खंडन होता है कि हत्या के बाद दुष्कर्म किया गया। चोटें मृत्युपूर्व प्रकृति की हैं। मृत्यु का समय तड़के तीन से पांच बजे के बीच है। मृतका के शरीर पर निचले व ऊपरी होंठ, नाक, गाल और निचले जबड़े सहित कई बाहरी चोटें थीं। उसकी खोपड़ी की हड्डी पर भी चोट है। शरीर पर कुल दस चोटों के निशान हैं। रिपोर्ट से साफ है, उसे क्रूरता का सामना करना पड़ा। एक से अधिक बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया। फिर गला दबाकर हत्या कर दी गई।
कोलकाता पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार करते हुए दावा किया था कि वारदात को केवल एक व्यक्ति ने अंजाम दिया। वहीं, सीबीआई व फोरेंसिक विशेषज्ञों के अलावा दिल्ली एम्स के 25 डॉक्टरों की टीम भी अस्पताल पहुंची। सीबीआई ने सवाल उठाया कि वारदात स्थल सेमिनार हॉल के बगल वाले कमरे में तोड़फोड़ क्यों की गई। टीम ने पीड़ित परिवार से भी बात की।
कोलकाता समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन
घटना के विरोध में देशभर के डॉक्टर आक्रोशित हैं। प.बंगाल, दिल्ली, असम, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य हिस्सों में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कई शहरों के अस्पतालों में ओपीडी निलंबित रही। इससे मरीजों को काफी दिक्कत हुई। प्रदर्शनकारियों ने ‘न्याय मिलना चाहिए, सुरक्षा के बिना कोई ड्यूटी नहीं, न्याय में देरी-न्याय न मिलना है’ के नारे लगाए।
इन छह बिंदुओं पर केंद्रित है जांच
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई जांच छह अहम बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी। पहला-क्या डॉक्टर से एक ही व्यक्ति ने दुष्कर्म किया या अन्य लोग भी थे? दूसरा-क्या हत्या संजय रॉय ने अकेले की या कोई और भी था? तीसरा-क्या घटना के बाद सबूत नष्ट किए गए थे? चौथा-हत्या को पहले आत्महत्या क्यों बताया गया? पांचवां-क्या अस्पताल प्रशासन इसमें शामिल था? छठा-पुलिस को डॉक्टर की हत्या के अगले दिन ही क्यों सूचित किया गया?
आईएमए ने पीड़िता के परिजनों से की मुलाकात
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरवी अशोकन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने पीड़िता के आवास पर जाकर परिजनों से मुलाकात की। टीम आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी गई। टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से मुलाकात की। अशोकन ने कहा कि पीड़िता के परिजनों की बातें सुनकर हम पूरी तरह से हिल गए।
क्या है मामला?
कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल के सभागार में कथित तौर पर बलात्कार और हत्या की शिकार हुई स्नातकोत्तर प्रशिक्षु का शव शुक्रवार सुबह बरामद किया गया। इस सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता के माता-पिता ने मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई अन्य जनहित याचिकाएं भी दायर की गई थीं। कोर्ट ने राज्य पुलिस को मामले के दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को बुधवार सुबह 10 बजे तक केस डायरी सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।