पिछले साल सितंबर में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवाद विरोधी अभियान में आगे बढ़कर नेतृत्व करते हुए शहीद हुए कर्नल मनप्रीत सिंह को मरणोपरांत शांति काल में दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। तीन अन्य सुरक्षा बल कर्मियों - राइफलमैन रवि कुमार (मरणोपरांत), मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू, जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हिमायूं मुजम्मिल भट (मरणोपरांत) को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने 103 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए कुल 103 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। चार कीर्ति चक्रों के अलावा वीरता पुरस्कारों में 18 शौर्य चक्र (चार मरणोपरांत), एक बार टू सेना मेडल, 63 सेना मेडल, 11 नौसेना मेडल और छह वायु सेना मेडल शामिल है।
कीर्ति चक्र
- मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू, मराठा लाइट इन्फैंट्री/56वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
कीर्ति चक्र (मरणोपरांत)
- कर्नल मनप्रीत सिंह, सेना मेडल, सिख लाइट इन्फैंट्री/19वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- राइफलमैन रवि कुमार, जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री/63वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- पुलिस उपाधीक्षक हिमायूं मुजम्मिल भट, जम्मू और कश्मीर पुलिस, सी/ओ 19वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
शौर्य चक्र
- कर्नल पवन सिंह, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (आर एंड ओ)
- मेजर सीवीएस निखिल, 21वीं बटालियन पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल)
- मेजर त्रिपतप्रीत सिंह, आर्मी सर्विस कॉर्प्स/ 34वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- मेजर साहिल रंधावा, रेजिमेंट तोपखाना/ 34वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- सूबेदार संजीव सिंह जसरोटिया, 5वीं बटालियन जम्मू और कश्मीर राइफल्स
- नायब सूबेदार पी. पबिन सिंह, तोपखाना रेजिमेंट/ 56वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- एसपीओ अब्दुल लतीफ, जम्मू और कश्मीर पुलिस सी/ओ 33वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स
- कैप्टन शरद सिंसुनवाल (04823-के), कमांडिंग ऑफिसर आईएनएस कोलकाता, नौसेना
- लेफ्टिनेंट कमांडर कपिल यादव (44003-एफ), एईओ आईएनएस विशाखापत्तनम, नौसेना
- विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन (31215), फ्लाइंग (पायलट), वायुसेना
- स्क्वाड्रन लीडर दीपक कुमार (32754), फ्लाइंग (पायलट), वायुसेना
- लखवीर, उप कमांडेंट, सीआरपीएफ
- राजेश पांचाल, एसी, सीआरपीएफ
- मलकीत सिंह, सीटी/जीडी, सीआरपीएफ
शौर्य चक्र (मरणोपरांत)
- मेजर आशीष धोंचक, एसएम, सिख लाइट इन्फैंट्री/ 19वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत)
- सिपाही प्रदीप सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री/ 19वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत)
- पवन कुमार, सीटी/जीडी, सीआरपीएफ (मरणोपरांत)
- देवन सी, सीटी/जीडी, सीआरपीएफ (मरणोपरांत)
18 सीबीआई अधिकारी पुलिस पदक से सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस पदक से सम्मानित संघीय जांच एजेंसी के 18 अधिकारियों में इंटरपोल से जुड़े दो सीबीआई अधिकारी भी शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि छह अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है, जबकि 12 को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिया गया है।
इन अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए पदक
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पदक से पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप कुमार के, अतिरिक्त एसपी नरेश कुमार शर्मा, प्रमोद कुमार और मुकेश कुमार और हेड कांस्टेबल रामजी लाल जाट और राज कुमार को सम्मानित किया गया है।
इन अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक
जबकि विजयेंद्र बिदारी, 2005 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अधिकारी और अंतर्राष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) के संयुक्त निदेशक, जो इंटरपोल के साथ समन्वय करते हैं और दिल्ली में प्रत्यर्पण मामलों और ऐसे अन्य मुद्दों का अनुसरण करते हैं, को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। विजयेंद्र बिदारी को तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु विरोधी आंदोलन के शांतिपूर्ण समाधान में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है।
सराहनीय सेवा के लिए इन्हें भी मिलेगा पदक
फ्रांस के लियोन में तैनात इंटरपोल के आतंकवाद निरोधक क्षमता के सहायक निदेशक महाराष्ट्र कैडर के उनके बैचमेट मोहम्मद सुवेज हक को भी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने एनआईएसीएल, शत्रु संपत्ति के संरक्षक, राज्य व्यापार निगम, सीमा शुल्क, आयकर और रेलवे आदि में भ्रष्टाचार के मामलों और कदाचार की जांच की निगरानी की है। अतिरिक्त एसपी तथागत वरदान, डिप्टी एसपी कृष्ण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर दर्शन सिंह, एएसआई सत्यजीत हलदर, हेड कांस्टेबल लालता प्रसाद, सुभाष चंद, ओंकारदास वैष्णव, सादी राजू रेड्डी, कांस्टेबल शिवकुमार सुब्रमण्यन और स्टेनो ग्रेड-1 संपदा संजीव रेवणकर को भी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।
क्या है शौर्य चक्र?
4 जनवरी 1952 को अशोक चक्र श्रेणी-III अवॉर्ड की शुरुआत हुई थी। बाद में 27 जनवरी 1967 को इसका नाम बदलकर शौर्य चक्र कर दिया गया। शौर्य चक्र सेना, नौसेना और वायु सेना, किसी भी रिजर्व फोर्स, टेरिटोरियल सेना और किसी भी अन्य सशस्त्र बलों के सभी रैंकों के अधिकारियों को दिया जाता है। शौर्य चक्र में एक मेडल दिया जाता है और मोनेट्री अलाउवेंस के रूप में 1500 रुपए की रकम दी जाती है।
वायु सेना मेडल (वीरता)
- आनंद विनायक अगाशे, विंग कमांडर
- जसप्रीत सिंह संधू, विंग कमांडर
- अक्षय अरुण महाले, विंग कमांडर
- महिपाल सिंह राठौर, स्क्वाड्रन लीडर
- विकास राघव, जूनियर वारंट ऑफिसर
- अश्वनी कुमार, फ्लाइट गनर
1960 में वायु सेना मेडल की हुई थी शुरुआत
वायु सेना मेडल की शुरुआत 26 जनवरी 1960 को किया गया था। यह पुरस्कार वायु सैनिकों की वीरता, उनकी सेवा या कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए दिया जाता है। इसमें एक मेडल होता है, रिबन और बार समेत 500 रुपये का मोनेट्री अलाउवेंस दिया जाता है।