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Parliament: बिना चुनाव के हुआ प्रमुख संसदीय समितियों का गठन, पिछली बार अधिकांश में नहीं बनी थी आम सहमति

Sun, 04 Aug 2024 10:55 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोक लेखा समिति (पीएसी) समेत प्रमुख संसदीय समितियों का गठन आम सहमति से हुआ है। इसके लिए किसी तरह का चुनाव नहीं करवाया गया। पिछली बार अधिकांश समितियों के गठन के लिए चुनाव हुआ था।

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भारतीय संसद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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इस बार संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) समेत प्रमुख संसदीय समितियों का गठन आम सहमति से हुआ है। इसके लिए किसी तरह का चुनाव नहीं करवाया गया। आपको बता दें कि पिछली बार अधिकांश समितियों के गठन के लिए चुनाव हुआ था। इस बार अधिकांश समितियों का गठन आम सहमति से हुआ है। सरकार के खर्च की जांच करने वाली लोक लेखा समिति के अलावा, सार्वजनिक उपक्रमों संबंधी समिति, अनुमान समिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति, लाभ के पद संबंधी संयुक्त समिति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी समिति का गठन आम सहमति से किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जल्द ही समितियों के अध्यक्षों को नामित करेंगे।

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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और उनके प्रबंधकों की टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि समितियों में सर्वसम्मति से नियुक्तियां हों। पीएसी के चुनाव के लिए लोकसभा से 19 नामांकन प्राप्त हुए। आपको बता दें कि संसद के निचले सदन में पीएसी के लिए 15 सदस्यों का चुनाव किया जाता है। इसके अलावा सात सदस्य राज्यसभा से होते हैं। लोकसभा द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि चार उम्मीदवारों ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। इस वजह से बाकी 15 सदस्यों को पीएसी में नामित किया जाना है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, द्रमुक नेता टीआर बालू, भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, रविशंकर प्रसाद और तेजस्वी सूर्या, टीएमसी नेता सौगत रॉय और सपा नेता धर्मेंद्र यादव पीएसी के सदस्य हैं।

इसी प्रकार, 30 सदस्यीय प्राक्कलन समिति के लिए 36 नामांकन प्राप्त हुए। छह सदस्यों को आश्वासन दिया गया कि उन्हें अन्य संसदीय समितियों में स्थान दिया जाएगा। सरकार से आश्वासन के बाद उन्होंने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। सार्वजनिक उपक्रम समिति की 15 सीटों के लिए 27 सदस्यों ने नामांकन दाखिल किए थे। हालांकि, बाद में 12 सदस्यों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इस तरह से उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण संबंधी 20 सदस्यीय समिति के लिए लोकसभा सचिवालय को 27 नामांकन प्राप्त हुए। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी समिति के लिए लोकसभा सचिवालय को 23 नामांकन प्राप्त हुए हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति में सीट के लिए सात सदस्यों ने नाम वापस ले लिया। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी समिति के चुनाव से तीन सदस्यों ने अपने नाम वापस ले लिए। इस वजह से मतदान के बिना ही समिति में नियुक्तियां कर दी गईं।

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