आरोपियों ने सिद्धार्थन का अंडरवियर उतारकर उसके साथ मारपीट की। उनमें से कुछ ने उसे बेल्ट और केबल तार से भी पीटा। बताया जा रहा है कि यह मारपीट 16 फरवरी को रात के नौ बजे शुरू हुई और देर रात दो बजे तक चली।
केरल के वायनाड में सरकारी पशु चिकित्सा कॉलेज के एक छात्र की मौत मामले से जुड़े आरोपियों की रिमांड रिपोर्ट में पीड़ित पर बुरी तरह से हमला करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने इस मामले में सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
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आरोपियों को जमानत नहीं देने की अपील
बता दें कि 18 फरवरी को 20 वर्षीय बैचलर ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल हस्बेंडरी के द्वितीय वर्ष के छात्र सिद्धार्थन का शव होस्टल के बाथरूम में लटका पाया गया था। पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों को जमानत देने से बचने का आग्रह किया। रविवार को पुलिस द्वारा पेश किए रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़ित को मारने के लिए बेल्ट और केबल की तार का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 324 एवं 306 और केरल रैगिंग निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़ित के सहपाठियों और कुछ सीनियरों ने कॉलेज की एक लड़की के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में कॉलेज के अंदर ही मुकदमा चलाया था।
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पीड़ित को बेल्ट और केबल तार से पीटा
पुलिस ने आगे कहा कि सिद्धार्थन पुलिस के पास जाने के बजाय अपने दुर्व्यवहार से संबंधित मुद्दे को निपटाने के लिए अपने घर से कॉलेज वापस आया था। आरोपियों ने सिद्धार्थन का अंडरवियर उतारकर उसके साथ मारपीट की। उनमें से कुछ ने उसे बेल्ट और केबल तार से भी पीटा। बताया जा रहा है कि यह मारपीट 16 फरवरी को रात के नौ बजे शुरू हुई और देर रात दो बजे तक चली।
पुलिस ने अदालत में आरोपियों को जमानत न देने की अपील की, क्योंकि मृतक के माता-पिता इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित आत्महत्या नहीं कर सकता है। पीड़ित के परिवार ने कहा कि कॉलेज के कुछ छात्रों ने उन्हें बताया कि एसएफआई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। हालांकि, एसएफआई ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।