त्रिशूर पूरम उत्सव में व्यवधान पैदा करने की कोशिश मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को केरल सरकार की कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें जांच को मंजूरी दी गई। इस बैठक में एडीजीपी की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। दरअसल मामले की जांच करने वाले एडीजीपी अजित कुमार पर भी साजिश का हिस्सा होने के आरोप लग रहे हैं। यही वजह है कि अब एडीजीपी की जांच रिपोर्ट की जांच डीजीपी द्वारा की जाएगी।
एडीजीपी की रिपोर्ट पर उठे सवाल
केरल में त्रिशूर पूरम उत्सव के दौरान अत्यधिक पुलिस प्रतिबंधों के चलते उत्सव में व्यवधान उत्पन्न हुआ था। जिससे उत्सव में शामिल हुए श्रद्धालु काफी निराश हुए थे। यही वजह है कि सरकार ने इसकी जांच के निर्देश दिए थे। सीपीएम समर्थित निर्दलीय विधायक पीवी अनवर ने आरोप लगाया था कि त्रिशूर में लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए एडीजीपी पर प्रसिद्ध मंदिर उत्सव में व्यवधान पैदा करने की साजिश रची थी। हालिया लोकसभा चुनाव में त्रिशूर लोकसभा सीट से भाजपा ने जीत दर्ज की है। अप्रैल में इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। जिस पर विपक्षी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। जांच रिपोर्ट के प्रति नाराजगी को देखते हुए ही सरकार ने एडीजीपी की रिपोर्ट की जांच डीजीपी से कराने का फैसला किया है।
त्रिशूर पूरम मामले में कथित साजिश की बात की जांच क्राइम ब्रांच के एडीजीपी एच वेंकटेश के नेतृत्व में स्पेशन इन्वेस्टिगेशन टीम करेगी। वहीं खुफिया विभाग के एडीजीपी मनोज अब्राहम इस बात की जांच करेंगे कि उत्सव के दौरान पुलिस के इंतजामों में कोई कथित लापरवाही थी या नहीं। वहीं डीजीपी एस दरवेश साहिब एडीजीपी अजीत कुमार की रिपोर्ट में कथित खामियों की जांच करेंगे। सरकार ने अजीत कुमार के कथित तौर पर आरएसएस नेताओं से मुलाकात की भी जांच के निर्देश दिए हैं।